चित्रकूट के मानिकपुर में एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने सुभाष बीज भंडार का औचक निरीक्षण किया। किसानों ने डीएपी की 5 बोरियां 8 हजार रुपये में बेचने का आरोप लगाया।
ब्रजबिहारी पांडेय
चित्रकूट। किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के प्रशासनिक दावों के बीच चित्रकूट में खाद की बिक्री में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को उप जिलाधिकारी मानिकपुर विपिन कुमार द्विवेदी ने गुरौला रोड स्थित सुभाष बीज भंडार का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने, स्टॉक रजिस्टर का उचित रखरखाव नहीं करने और खाद के भंडारण से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान किसानों के लिखित बयान भी दर्ज किए गए। इनमें प्रतिष्ठान पर डीएपी सहित अन्य उर्वरकों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचने के आरोप लगाए गए हैं।
8 हजार रुपये में बेची गईं डीएपी की 5 बोरियां
निरीक्षण के दौरान किसानों के लिखित बयानों में उर्वरक की अधिक कीमत वसूलने की बात सामने आई। कृषक लवकुश पुत्र केशव प्रसाद ने अपने बयान में बताया कि उनसे डीएपी की पांच बोरियों के लिए 8,000 रुपये लिए गए।
वहीं कृषक रामविश्वास पुत्र ज्वाला प्रसाद के अनुसार, उनसे तीन बोरी उर्वरक के लिए 4,800 रुपये वसूले गए। इन बयानों के आधार पर प्रतिष्ठान में उर्वरक बिक्री की कीमतों को लेकर अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
दुकान पर नहीं मिला रेट और स्टॉक का बोर्ड
एसडीएम के औचक निरीक्षण में कई अन्य खामियां भी सामने आईं। दुकान पर उर्वरकों की निर्धारित बिक्री दर और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित करने वाला बोर्ड नहीं मिला। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर का भी समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान दुकान से अलग स्थान पर रखे गए उर्वरक के स्टॉक के संबंध में भी वैध अभिलेख और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। प्रशासन ने इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक जांच के निर्देश दिए हैं।
संबंधित अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी चित्रकूट के निर्देशों के क्रम में की गई इस कार्रवाई के बाद संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में किसानों को उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। खाद की बिक्री में मनमानी, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली और स्टॉक में अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि खाद की उपलब्धता, बिक्री मूल्य और स्टॉक की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस कार्रवाई से क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं में हलचल है। वहीं किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन की सख्ती से उन्हें निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध हो सकेगी और उर्वरक की बिक्री में होने वाली मनमानी पर रोक लगेगी।
