आगरा। सिविल एयरपोर्ट आगरा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रोजेक्ट के कार्यों में तेजी लाने और समय पर पूरा करने के लिए शासन ने एक कमेटी का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता मंडलायुक्त करेंगे। यह कमेटी हर 15 दिन में प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करेगी। सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
प्रोजेक्ट को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य
सिविल एयरपोर्ट आगरा का निर्माण कार्य दो चरणों में 579 करोड़ रुपये की लागत से 160 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। इसका लक्ष्य है कि यह 2026 तक पूरी तरह से बनकर तैयार और फंक्शनल हो जाए। पहले चरण का कार्य 51.57 एकड़ जमीन पर चल रहा है, जिस पर लगभग 343.40 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। इस प्रोजेक्ट का वर्चुअल शिलान्यास 20 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
लालफीताशाही पर लगेगी लगाम
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी के गठन से लालफीताशाही (Red Tapism) के कारण कार्यों में होने वाली अनावश्यक देरी खत्म होगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रोजेक्ट से प्रभावित अभयपुरा, बल्हेरा और धनौली गांवों की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिचपुरी क्षेत्र पंचायत और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को भी कार्ययोजना बनानी चाहिए। अगर सड़क निर्माण के लिए फंड मिल गया है, तो प्रशासन को मानसून के बाद तुरंत काम शुरू करवाना चाहिए।
समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
19 अगस्त 2025 को जारी शासनादेश के अनुसार, मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में जिलाधिकारी आगरा के अलावा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, राज्य विद्युत बोर्ड, आगरा हवाई अड्डे के निदेशक और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह समिति एयरपोर्ट की परियोजनाओं में आ रही समस्याओं के समाधान पर काम करेगी।
आगरा के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट
सिविल एयरपोर्ट आगरा प्रोजेक्ट को मंडल का सबसे महत्वपूर्ण और लोगों से सीधे जुड़ा हुआ प्रोजेक्ट माना जा रहा है। वर्तमान में आगरा का सिविल एन्क्लेव सहज पहुंच से बाहर है, जिससे पर्यटन, होटल और ट्रैवल एजेंसियों जैसे क्षेत्रों में असुविधा होती है। सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा का मानना है कि यह एयरपोर्ट बनने के बाद उत्तर प्रदेश का सबसे व्यस्त और मुनाफे में चलने वाला एयरपोर्ट होगा।
ग्रामीणों की मांग: नगर निगम में न हों शामिल
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने मांग की है कि महानगर सीमा के विस्तार की योजना से बल्हेरा, अभयपुरा, धनौली और मलपुरा गांवों को बाहर रखा जाए। उन्होंने इन गांवों को मिलाकर एक अलग टाउन एरिया बनाने की सलाह दी, क्योंकि यहां सीवर और पानी की पाइपलाइन जैसी सुविधाएं नहीं हैं।
सीवेज और ड्रेनेज के लिए समाधान की मांग
सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. शिरोमणि सिंह ने धनौली, अभयपुरा और बल्हेरा में सीवेज और ड्रेनेज डिस्पोजल के लिए समय रहते सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और ट्रंक सीवर लाइन बिछाने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जल निकासी के लिए एक बड़ा तालाब बनाया जाए, जहां से गंदे पानी को पंप करके नाले में डाला जा सके, ताकि अनट्रीटेड पानी नहरों में न जाए।
हाल ही में सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के एक प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट के जनरल मैनेजर अनूप श्रीवास्तव से मुलाकात कर फेस वन का कार्य समय पर पूरा करवाने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. शिरोमणि सिंह, अनिल शर्मा, राजीव सक्सेना और असलम सलीमी शामिल थे।
