Agra air raid drill, आगरा: आगरा शहर में कल, 7 मई को हवाई हमले की संभावित स्थिति से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च-स्तरीय बैठक संपन्न हुई।
- ब्लैकआउट का अभ्यास: रात 8 बजे से 15 मिनट तक रहेगा अंधेरा
- शाम 4 बजे संत रामकृष्ण कॉलेज में होगी मॉक ड्रिल
- मॉक ड्रिल के दौरान किए जाएंगे ये महत्वपूर्ण कार्य:
- शहर के प्रमुख स्थानों पर बजेंगे सायरन
- स्कूल-कॉलेजों में भी चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
- जिलाधिकारी की अपील: अफवाहों से बचें, अभ्यास में दें पूरा सहयोग
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य शहर के आम नागरिकों, विभिन्न प्रशासनिक एजेंसियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया विभागों को युद्ध जैसी अप्रिय परिस्थितियों में तुरंत और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करना है।
ब्लैकआउट का अभ्यास: रात 8 बजे से 15 मिनट तक रहेगा अंधेरा
इस अभ्यास के एक महत्वपूर्ण भाग के रूप में, कल रात ठीक 8:00 बजे से 8:15 बजे तक पूरे शहर में एयर रेड वार्निंग सिस्टम के माध्यम से दो चरणों में सायरन बजाया जाएगा।
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पहला सायरन: रात 8:00 बजे बजेगा। इसकी आवाज़ उतार-चढ़ाव वाली होगी, जो यह संकेत देगी कि हवाई हमला हुआ है। इस सायरन के बजते ही, अगले 2-3 मिनट के भीतर शहर की सभी प्रकार की लाइटें, जिनमें बिजली, इनवर्टर, सोलर लाइट और वाहनों की लाइटें शामिल हैं, पूरी तरह से बंद कर दी जाएंगी और ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित की जाएगी।
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दूसरा सायरन: रात 8:15 बजे बजेगा। यह एक सीधी और लंबी ध्वनि वाला होगा, जो यह संकेत देगा कि अब स्थिति सामान्य हो चुकी है और ब्लैकआउट समाप्त हो गया है। इसके बाद सभी प्रकार के प्रकाश उपकरणों को पुनः चालू किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने शहर के सभी आम नागरिकों, व्यापार मंडलों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों से इस ब्लैकआउट अभ्यास को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग करने की अपील की है।
शाम 4 बजे संत रामकृष्ण कॉलेज में होगी मॉक ड्रिल
इस ऑपरेशन अभ्यास के पहले चरण के रूप में, आज शाम 4 बजे बल्केश्वर स्थित संत रामकृष्ण गर्ल्स कॉलेज में एक विस्तृत मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस मॉक ड्रिल में नागरिक सुरक्षा विभाग, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सभी संबंधित बचाव टीमें सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगी।
मॉक ड्रिल के दौरान किए जाएंगे ये महत्वपूर्ण कार्य:
इस मॉक ड्रिल के दौरान आपदा की स्थिति में:
- घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया जाएगा।
- ध्वस्त हुए भवनों से लोगों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जाएगा।
- आग लगने की स्थिति में उसे बुझाने का कार्य प्रदर्शित किया जाएगा।
- भीड़ को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा।
- आपदा के दौरान प्रभावी संचार व्यवस्था बनाए रखने का अभ्यास किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण ड्रिल में नागरिक सुरक्षा के उप नियंत्रक के नेतृत्व में 700 से अधिक वार्डेन विभिन्न टीमों में तैनात रहकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
शहर के प्रमुख स्थानों पर बजेंगे सायरन
शहर के चार प्रमुख स्थानों – सीओडी, आगरा कैंट, जयपुर हाउस स्थित एडीए कार्यालय और जालमा संस्थान से इलेक्ट्रिक सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शहर के 15 अन्य चिन्हित स्थानों पर नागरिक सुरक्षा के वार्डेन हैंड सायरन के माध्यम से लोगों को सचेत करेंगे। ये स्थान हैं: कलेक्ट्रेट, मोहनपुरा, नराइच, रुई की मंडी शाहगंज, आईटीआई बल्केश्वर, पानी की टंकी कमलानगर, पुरानी मंडी ताजगंज, सेक्टर-1 आवास विकास कॉलोनी, रावतपाड़ा, नरीपुरा, शहीद स्मारक, संजय प्लेस, भगवान टॉकीज, बैनारा इंडस्ट्रीज़, बोदला शिल्पग्राम और गुरुद्वारा गुरु का ताल।
स्कूल-कॉलेजों में भी चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
बैठक में यह भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि इस ऑपरेशन अभ्यास के बारे में शहर के सभी स्कूल और कॉलेजों में विशेष प्रशिक्षण सत्र और जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को भी इस प्रकार की आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील और तैयार करना है।
जिलाधिकारी की अपील: अफवाहों से बचें, अभ्यास में दें पूरा सहयोग

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने आगरा के सभी निवासियों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास केवल एक सुरक्षात्मक ड्रिल है, जिससे किसी को भी घबराने या डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभ्यास को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया है।
