प्रधानमंत्री के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन, ज्ञापन लेने में देरी पर अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी
आगरा। उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी से संबंधित वर्ष 2025 के प्रावधानों को वापस लेने अथवा उनकी समीक्षा करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापनकर्ताओं ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। किसी शिकायत पर कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच, संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर तथा शिकायत की सत्यता की जांच सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही झूठी शिकायत पाए जाने पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान करने की मांग भी रखी गई।ज्ञापन में वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, दिव्यांग, शहीदों के आश्रितों और अनाथ बच्चों के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई। ब्राह्मण समाज को भी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व और आरक्षण का प्रावधान देने की मांग उठाई गई।ज्ञापन लेने में कथित देरी से अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई और धरने पर बैठने की बात कही। मामला बढ़ता देख जिलाधिकारी ने प्रतिनिधियों को कार्यालय में बुलाकर ज्ञापन लिया।वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शर्मा और ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक एडवोकेट संजू बाबा ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। इस दौरान एडवोकेट लोकेश शर्मा, नारायण दत्त दीक्षित, शैलेश उपाध्याय, अंकित लवानिया, उमंग उपाध्याय, संजय पचौरी, राहुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
