सुल्तान आब्दी
झाँसी उत्तर प्रदेश – भारतीय सशस्त्र बल वेटरन दिवस (INDIAN ARMED FORCES VETERAN DAY)आज दिनांक 14 जनवरी को झांसी कैंट में बहुत ही भव्य तरीके से मनाया गया । इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC), 31 आर्मर्ड डिवीजन, मेजर जनरल मनजीत सिंह, SM ने की। अपने संबोधन में उन्होंने सभी पूर्व सैनिकों को वेटरन दिवस की शुभकामनाएँ दीं तथा कहा कि भारतीय सेना पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीरांगनाओं एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु निरंतर सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने सेना एवं पूर्व सैनिक समुदाय के बीच अटूट संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया।
.पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान के प्रतीक स्वरूप 102 मीडियम रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर द्वारा सभी पूर्व सैनिकों को वेटरन बैज पिन किया गया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
इस गरिमामय आयोजन में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, जालौन एवं बांदा इकाइयों के सदस्यों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और गरिमा में और वृद्धि हुई।
.कार्यक्रम के अंत में सामूहिक फोटो (ग्रुप फोटो) लिया गया। सभी उपस्थित पूर्व सैनिकों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई तथा समापन अवसर पर प्रत्येक सहभागी को उपहार सहित गुडी बैग एवं सूचना पुस्तिका (पैम्फलेट) प्रदान की गई।
भारतीय सशस्त्र बल वेटरन दिवस हरेक वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाता है। पहली बार यह दिवस 2016 में भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में यह मनाया गया तबसे हरेक साल यह मनाया जाता है।आज इसका दसवां संस्करण मनाया गया। यह दिवस उन सभी पूर्व सैनिकों के सम्मान, कृतज्ञता एवं गौरव को समर्पित है, जिन्होंने अपने जीवन के सर्वोत्तम वर्ष राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा में अर्पित किए।
यह दिवस विशेष रूप से फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा, OBE, भारत के प्रथम भारतीय सेना प्रमुख (Commander-in-Chief) के सम्मान में मनाया जाता है, जिन्होंने 14 जनवरी 1963 को सक्रिय सैन्य सेवा से अवकाश ग्रहण किया था। उनका जीवन अनुशासन, नेतृत्व, निष्ठा एवं राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है।
वेटरन दिवस न केवल पूर्व सैनिकों के अतुलनीय योगदान को स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि उनके कल्याण, अधिकारों, समस्याओं एवं आवश्यकताओं पर संवाद स्थापित करने का एक सशक्त मंच भी उपलब्ध कराता है। इस अवसर पर DAV, ECHS, IAFBA, AFA जैसी विभिन्न हितधारक संस्थाओं द्वारा पूर्व सैनिकों की लंबित समस्याओं, स्पष्टीकरणों एवं कल्याणकारी विषयों पर मार्गदर्शन एवं समाधान प्रदान किए जाते हैं।
भारतीय सशस्त्र बल वेटरन दिवस पूर्व सैनिक समुदाय को एकजुट होकर समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण एवं आपसी सहयोग की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। यह दिवस इस बात का स्मरण कराता है कि राष्ट्र सेवा केवल वर्दी में ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी निरंतर समर्पण एवं सेवा भाव से की जाती है।
