आगरा। निर्माणाधीन कीठम–भांडई रेलवे लाइन के कार्य में लगी एसआईपीएल कंपनी द्वारा भारी डंपरों का अनियंत्रित संचालन कराए जाने से ग्रामीण क्षेत्र का ब्रिटिशकालीन ऐतिहासिक पुल और उससे जुड़ा संपर्क मार्ग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। कंपनी की इस कार्यशैली से आमजन की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, एसआईपीएल कंपनी बिना किसी तकनीकी अनुमति, भार क्षमता परीक्षण और सुरक्षा मानकों के मिट्टी व गिट्टी से भरे भारी डंपरों को लगातार ब्रिटिशकालीन पुल से गुजार रही है। यह पुल हल्के यातायात के लिए बनाया गया था, इसके बावजूद अत्यधिक भार के कारण पुल की संरचना कमजोर हो चुकी है और क्षति स्पष्ट दिखाई देने लगी है। लोक निर्माण विभाग में दी गई शिकायत में बताया गया है कि भारी डंपरों की आवाजाही से पुल के साथ-साथ गांव पनवारी से नागर मार्ग पूरा उखड़ चुका है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जगह-जगह धंसाव हो रहा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग जानलेवा बनता जा रहा है। कई बार वाहन फंसने और दुर्घटनाएं होने की स्थिति भी उत्पन्न हो चुकी है। वहीं सिंचाई विभाग को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एसआईपीएल कंपनी ने न तो वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की और न ही किसी प्रकार की चेतावनी, संकेतक या सुरक्षा घेरा लगाया। नियमों को ताक पर रखकर कंपनी द्वारा सरकारी संरचना पर अत्यधिक भार डाला जा रहा है, जिससे न सिर्फ पुल बल्कि पूरे क्षेत्र की जल एवं सड़क संरचना को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी को केवल निर्माण कार्य की गति की चिंता है, जबकि ऐतिहासिक धरोहर, सरकारी संपत्ति और जनसुरक्षा की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। लोगों ने मांग की है कि एसआईपीएल कंपनी पर भारी वाहनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए, क्षतिग्रस्त ब्रिटिशकालीन पुल और मार्ग का विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जाए तथा नुकसान की भरपाई कंपनी से कराई जाए।
शिकायत का संज्ञान लेकर मौके पर निरीक्षण उपरांत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।संबंधित कार्यदाई संस्था को नोटिस जारी किया जाएगा।
आरएस वर्मा-अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड आगरा
