बीस दिन से गंदे पानी में होकर विद्यालय पहुंच रहे थे बच्चे, अब घर बैठने को मजबूर
जल निकासी नहीं होने से विकराल हालात, संक्रमण और जहरीले जीवों का भय
अग्र भारत संवाददाता ,किरावली/अछनेरा। ब्लॉक अछनेरा की ग्राम पंचायत कचौरा में जल निकासी व्यवस्था ठप होने से हालात विकराल हो गए हैं। श्री राधाबल्लभ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वाली गली पिछले करीब 20 दिनों से गंदे पानी में डूबी हुई है। पहले छात्र किसी तरह पानी से होकर विद्यालय पहुंच रहे थे, लेकिन अब पानी विद्यालय परिसर के अंदर तक पहुंच गया है। इससे करीब 700 छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है और बच्चे घर बैठने को मजबूर हैं।जबकि सीडीओ आगरा के जलभराव पर सख्त आदेश के बाद भी क्षेत्रीय जिम्मेदार अधिकारी धृतराष्ट्र बन बैठे हैं।आदेश हवा में हैं।
ग्रामीणों कहना है कि प्रशासन समस्या को लेकर आंखें मूंदे बैठा है। मामले की जानकारी लेने के लिए अग्र भारत संवाददाता द्वारा एसडीएम किरावली, सीडीओ आगरा और जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को फोन किया गया, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद वाट्सएप के माध्यम से जलभराव के वीडियो और समस्या से संबंधित सवाल अधिकारियों को भेजे गए। डीपीआरओ मनीष कुमार ने वाट्सएप पर जवाब देते हुए क्षेत्रीय जिम्मेदार अधिकारी का नंबर भेजा और बताया कि आज समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव की समस्या को लेकर दर्जनों बार शिकायत की जा चुकी है।लेकिन जिम्मेदारों ने इस गंभीर शिकायत को अनदेखा करते हुए समस्या समाधान कराने की जरूरत नहीं समझी,इसका खामियाजा अब करीब 700 छात्रों की पढ़ाई छोड़ कर चुकाना पड़ रहा है, जलभराव से उत्पन्न संकट को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है।कुछ परिवार इस संकट के चलते पलायन करने को मजबूर हैं,शिकायत में कहा गया है कि विद्यालय वाले रास्ते से होकर ही छात्र-छात्राओं और आसपास रहने वाले लोगों को आना-जाना पड़ता है। दूसरा कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है। गंदे पानी में मच्छर, कीट-पतंगे और अन्य जलीय जीवों के पनपने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास अनुसूचित जाति के कई परिवार रहते हैं, जिनका दैनिक आवागमन भी इसी गली से होता है।सबसे गंभीर बात यह है कि स्थायी समाधान तो दूर, प्रशासन की ओर से अस्थायी रूप से पानी निकासी की भी प्रभावी व्यवस्था नहीं कराई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या लगातार बढ़ती रही और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई जलभराव की भेंट चढ़ रही है, तब जिम्मेदार अधिकारी आखिर कब जागेंगे?उल्लेखनीय है कि आगरा की सीडीओ जलभराव की समस्या को लेकर बैठकों में क्षेत्रीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दे चुकी हैं। इसके बावजूद कचौरा में हालात सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने तत्काल जल निकासी कराकर रास्ता सुचारु करने और विद्यालय तक बच्चों की सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की है।
कचौरा-बस्तई मार्ग ऊंचा, पुलिया बंद होने से बढ़ा जलभराव,ग्रामीणों के अनुसार कचौरा से बस्तई जाने वाली सड़क पर बिना विभागीय स्वीकृति के मिट्टी, गिट्टी और मोरम डालकर उसे ऊंचा करने का काम किया गया। आरोप है कि यदि कार्य विभागीय स्वीकृति और तकनीकी प्रक्रिया के तहत होता तो पहले जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कर पुलिया को चालू कराया जाता। पहले गांव का पानी सड़क के ऊपर से निकल जाता था, लेकिन सड़क ऊंची होने और पुलिया बंद होने से गांव और बरसात का पानी भराव हो गया।पानी निकासी की व्यवस्था ठप हो गई ,नतीजतन जलभराव बढ़ते-बढ़ते विद्यालय की गली और परिसर तक पहुंच गया, जिससे करीब 700 छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो गई।
