लखनऊ | वर्तमान समय में सरकारी अधिकारियों की स्थिति यह है कि यदि आप सत्ता पक्ष से जुड़े हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं की हां में हां मिलाते जाएंगे तो आप लंबे समय तक उसे जिले में बने रह सकते हैं | लेकिन जिस दिन आप सत्ता पक्ष के इन नेताओं के इशारे पर कार्य करना बंद कर देते हैं, उसी दिन से आप उनके निशाने पर आ जाएंगे और फिर आपके ट्रांसफर की धमकियां आपको दी जाने लगेंगी |

ईमानदारी पर भारी पड़ रहा है राजनीतिक रसूख
वर्तमान समय में एक ऐसा ही मामला अंबेडकर नगर जिले के विद्युत विभाग में देखने को मिल रहा है, जहां पर लिपिक पद पर कार्यरत राम रतन जो की अधिशासी अभियंता अंबेडकर नगर कार्यालय के कक्ष संख्या सात में बैठते हैं, सत्ता पक्ष से जुड़े हुए एक पूर्व सांसद को खुश ना कर पाने के कारण विभाग अब इनका तबादला अकबरपुर से अन्यत्र कहीं करने की तैयारी कर रहा है |