अग्र भारत संवाददाता,किरावली। भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर गुरुवार को तहसील मुख्यालय पर किसानों और मजदूरों ने प्रदर्शन किया।संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसान व मजदूर तहसील पहुंचे।तहसील अध्यक्ष अर्जुन सिंह छोंकर के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम किरावली अभिनव पाठक के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की मांग की है।
किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासनों को अब तक प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया है। इससे किसानों और मेहनतकश वर्ग में असंतोष है।ज्ञापन में सभी फसलों के लिए सी-2 लागत में 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद सुनिश्चित करने, किसानों व दिहाड़ी मजदूरों का कर्ज माफ करने तथा आत्महत्या पीड़ित किसान परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई। किसानों ने विद्युत निजीकरण विधेयक-2025, बीज विधेयक-2025 और चारों श्रम संहिताओं को निरस्त करने की मांग भी उठाई।इसके अलावा श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन, मनरेगा में 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की मांग रखी गई। किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते सहित कृषि और श्रमिक हितों के खिलाफ किए गए करारों को रद्द करने, भारतीय खाद्य निगम को मजबूत करने तथा साइलो के निजीकरण और निजी कंपनियों के एकाधिकार पर रोक लगाने की मांग की।क्षेत्रीय समस्याओं में खाद-उर्वरक की कालाबाजारी पर रोक लगाने के साथ गांव कचोरा के शहीद मार्ग पर वर्षों से बनी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग प्रमुख रही। किसानों ने सड़कों पर जमा गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था कराने की भी मांग की।प्रदर्शन में तहसील अध्यक्ष अर्जुन सिंह छोंकर, दीपक, सत्यदेव सिंह चाहर, चौधरी करतार सिंह, सतीश कुमार, मुकेश, बीरेंद्र सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
