आगरा। इलाज में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें आगरा की स्थायी लोक अदालत ने जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर धर्मवीर सिंह को वादी को ₹6,86,500 का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह आदेश रुनकता निवासी बॉबी सिंह की याचिका पर दिया गया है, जिन्होंने अपनी पत्नी के इलाज में डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।
क्या है पूरा मामला?
मामले के अनुसार, बॉबी सिंह ने अपनी 31 वर्षीय पत्नी श्रीमती बबली को पित्त की थैली की समस्या के कारण 7 सितंबर 2021 को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। 10 सितंबर 2021 को, डॉ. धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में उनकी पत्नी का ऑपरेशन किया गया। हालांकि, ऑपरेशन के बाद श्रीमती बबली की हालत बिगड़ने लगी और गैस पास नहीं होने की शिकायत हुई। शिकायत करने पर, डॉ. धर्मवीर सिंह ने यह स्वीकार किया कि गलती से एक नस कट गई थी, और इसे ठीक करने के लिए दोबारा ऑपरेशन की आवश्यकता होगी।
निजी अस्पताल में इलाज और अतिरिक्त खर्च
डॉ. धर्मवीर सिंह ने दोबारा ऑपरेशन के लिए ₹30,000 का खर्च बताया और श्रीमती बबली को जयपुर हाउस स्थित ओरियन हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां डॉ. संतोष की देखरेख में दूसरा ऑपरेशन हुआ, लेकिन मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इस दौरान, बॉबी सिंह के ₹30,000 के अतिरिक्त ₹1 लाख से अधिक ओरियन अस्पताल में खर्च हो गए।
इसके बाद, डॉ. धर्मवीर सिंह ने अपनी गलती छिपाने के लिए खुद ₹15,000 जमा कराकर मरीज को पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। इस पूरे घटनाक्रम में बॉबी सिंह को अपनी पत्नी के इलाज के लिए अपना मकान तक बेचना पड़ा।
स्थायी लोक अदालत का फैसला
बॉबी सिंह ने अपने अधिवक्ता अर्जुन सिंह के माध्यम से जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. धर्मवीर सिंह, ओरियन हॉस्पिटल के डॉ. संतोष, और जिला अस्पताल के अधीक्षक के खिलाफ स्थायी लोक अदालत में शिकायत दर्ज कराई। अदालत ने बॉबी सिंह के मुकदमे को स्वीकार करते हुए पाया कि इलाज में लापरवाही बरती गई थी।
अदालत ने अपने आदेश में जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. धर्मवीर सिंह को बॉबी सिंह को ₹6,86,500 की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
