आगरा: आगरा में निजी स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं द्वारा महंगी किताबों की जबरन बिक्री, जीएसटी चोरी और फर्जी प्रकाशन के मामलों को लेकर अभिभावकों और जागरूक नागरिकों ने विरोध जताया है। अभिभावकों का आरोप है कि कई निजी स्कूलों में छात्रों को गैर-जरूरी और महंगी किताबें अनिवार्य रूप से खरीदने के लिए दबाव डाला जा रहा है, जिससे उन्हें वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही जीएसटी चोरी और फर्जी प्रकाशन की भी शिकायतें सामने आई हैं।
अधिकारियों से शिकायत और कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर अभिभावकों और शिक्षार्थियों ने अजय मिश्रा, अपर आयुक्त, सीजीएसटी, आगरा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कई मुख्य मांगों को रखा गया है:
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जांच कमेटी का गठन: यह सुनिश्चित किया जाए कि निजी स्कूल और किताब विक्रेता शिक्षा माफिया के रूप में कार्य न करें। किताबों की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और कोई भी स्कूल अभिभावकों को जबरन महंगी किताबें न खरीदवाए।
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पारदर्शी पुस्तक चयन प्रक्रिया: स्कूलों को एक पारदर्शी और न्यायसंगत पुस्तक चयन प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया जाए, जिससे गैर-जरूरी और महंगी किताबों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
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जीएसटी चोरी और फर्जी प्रकाशन की जांच: जीएसटी चोरी और फर्जी प्रकाशन से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच की जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और ईमानदारी बनी रहे।
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अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन नंबर: अभिभावकों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए, जिससे वे अपनी शिकायतें दर्ज कर सकें और प्रशासन से तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।
अपर आयुक्त का आश्वासन
ज्ञापन सौंपने के दौरान अपर आयुक्त अजय मिश्रा ने तुरंत एक जांच टीम गठित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान विभिन्न जागरूक नागरिकों, समाजसेवियों और नेताओं ने भी अपने विचार साझा किए। रमेश श्रीवास्तव, विधायक शर्मा, नकुल सारस्वत, एडवोकेट ब्रज वर्मा, उमेश कुमार सिंह, विषपाल यादव, और मोहित सिंह जैसे प्रमुख व्यक्ति भी इस पहल में शामिल हुए और उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की अपील की।
शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता की उम्मीद
श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए और अभिभावकों तथा विद्यार्थियों का शोषण रोका जाना चाहिए।