अग्र भारत संवाददाता,आगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र में एटीएम कार्ड बदलकर 20 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस घटना ने आगरा की थाना सिकंदरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेहतर पुलिसिंग और हाईटेक सिस्टम के दावों के बीच स्थानीय पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है, क्योंकि पीड़ित की प्रारंभिक शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। न ही एटीम परिसर में लगे सीसीटीवी चैक किए गए,छः दिन बाद डीसीपी सिटी के हस्तक्षेप के प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़ित देव राजपूत, निवासी शिवाकुंज, के.के. नगर, के अनुसार 12 अप्रैल 2026 को वह सिकंदरा स्थित केनरा बैंक के एटीएम से पैसे निकालने गए थे। सुबह करीब 11:35 बजे एटीएम के अंदर मौजूद तीन अज्ञात युवकों ने धोखे से उनका एटीएम कार्ड बदल लिया। इसके कुछ ही मिनट बाद, करीब 11:42 बजे उनके खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए गए।बताया गया है कि संबंधित बैंक खाता उनकी बहन निधि राजपूत के नाम से केनरा बैंक, सिकंदरा शाखा में है। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने थाना सिकंदरा में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कई दिनों तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। न ही पुलिस ने घटना की सत्यता और जालसाजों को पकड़ने हेतु पीड़ित को साथ लेकर एटीम परिसर के सीसीटीवी कैमरे चैक कराना भी जरूरी समझा ,आरोप है कि जब पीड़ित ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर पुलिस उपायुक्त (सिटी) सैय्यद अली अब्बास को प्रार्थना पत्र दिया, तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई। इसके बाद घटना के करीब छह दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया।फिलहाल सिकंदरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार को सौंप दी है। मामले को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
