दिल्ली के न्यू उस्मानपुर गोलीकांड का निकला आगरा कनेक्शन। अवैध हथियारों की सप्लाई के इनपुट पर आगरा पहुंची दिल्ली क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम। हरीपर्वत पुलिस के साथ मिलकर वजीरपुरा और लोहामंडी में छापेमारी की तैयारी।
आगरा/दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में हुए सनसनीखेज गोलीकांड के तार अब उत्तर प्रदेश के आगरा से जुड़ते नजर आ रहे हैं। दिल्ली में दो गुटों के बीच हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में गिरफ्तार दो शूटर्स ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपियों के कबूलनामे के बाद अवैध हथियारों के बड़े नेटवर्क (Arms Smuggling Network) की तलाश में दिल्ली क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने आगरा में डेरा डाल दिया है। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए एक बेहद गोपनीय ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मासूम को लगी थी गोली, शूटर्स ने उगला आगरा के तस्कर का नाम
दरअसल, दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में हाल ही में दो शातिर गुटों के बीच आपसी वर्चस्व को लेकर सरेराह अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। इस गैंगवार ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी और दुर्भाग्यवश इस गोलीबारी की चपेट में आने से एक 12 वर्षीय मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच ने तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य शूटर्स को दबोच लिया।
क्राइम ब्रांच की रिमांड के दौरान जब इन शूटर्स से हथियारों के स्रोत के बारे में कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने उगला कि वारदात में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक नाजायज असलहे आगरा के एक बड़े हथियार तस्कर ने सप्लाई किए थे। इस इनपुट के मिलते ही दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम तुरंत आगरा के लिए रवाना हो गई।
हरीपर्वत पुलिस के साथ समन्वय, वजीरपुरा और लोहामंडी पर पैनी नजर
आगरा पहुंचते ही दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने सबसे पहले थाना हरीपर्वत पुलिस से संपर्क साधा और स्थानीय इनपुट साझा किए। सूत्रों के मुताबिक, दोनों राज्यों की पुलिस अब संयुक्त रूप से उन अपराधियों की लिस्ट तैयार कर रही है, जो पहले भी आर्म्स एक्ट (Arms Act) या अवैध हथियारों की तस्करी में जेल जा चुके हैं।
जांच के मुख्य केंद्र: पुलिस का विशेष फोकस आगरा के वजीरपुरा और लोहामंडी क्षेत्रों पर है, जो पहले भी अवैध हथियारों के सुरागों को लेकर चर्चा में रहे हैं। इन इलाकों के पुराने क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों के फोन कॉल डिटेल्स (CDR) को ट्रेस किया जा रहा है।
कई राज्यों में फैला है अवैध हथियारों का यह ‘मकड़जाल’
जांच एजेंसियों का मानना है कि आगरा से संचालित होने वाला यह हथियारों का सिंडिकेट सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क:
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उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों
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हरियाणा के गैंगस्टर ग्रुप्स
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राजस्थान और दिल्ली-NCR के अपराधियों तक भी अवैध हथियारों की खेप पहुंचा रहा है।
इसी अंदेशे के तहत पुलिस ने आगरा के कई संभावित ठिकानों को चिन्हित कर वहां सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को निगरानी के लिए तैनात कर दिया है।
गोपनीय ऑपरेशन शुरू, जल्द हो सकती हैं बड़ी गिरफ्तारियां
फिलहाल, दिल्ली क्राइम ब्रांच और आगरा पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई बेहद गुप्त रखी जा रही है ताकि मुख्य तस्कर और उसके गुर्गे सतर्क होकर शहर से भाग न सकें। आगरा पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली पुलिस को हर संभव बैकअप और इनपुट दिए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद आगरा और दिल्ली-NCR में अवैध हथियारों की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट जाएगी। आने वाले 24 से 48 घंटों में इस मामले में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां और भारी मात्रा में असलहों की बरामदगी की पूरी संभावना है।
