एटा: जनपद के कस्बा जैथरा में इन दिनों एलपीजी गैस की किल्लत ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। खासकर ठेला और रेडी लगाकर चाट-पकौड़ी, पुड़ी-सब्जी, मोमोज, चाउमीन और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है। गैस सिलेंडर न मिलने के कारण दर्जनों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
कस्बे के प्रमुख बाजार और बस स्टैंड क्षेत्र में रोजाना सजने वाली खाने-पीने की दुकानें अब सूनी पड़ी हैं। जहां पहले ग्राहकों की भीड़ रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे वे सामान तैयार नहीं कर पा रहे हैं और मजबूरन दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं।
दुकानदार मनोज गुप्ता, जो फिंगर, मोमोज और चाउमीन का ठेला लगाते हैं, ने बताया कि तीन दिनों से उनकी दुकान बंद है। उन्होंने कहा, गैस की भारी किल्लत है। सिलेंडर नहीं मिल रहा, जिससे काम ठप हो गया है। मजबूरी में अब लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है, ताकि किसी तरह परिवार का खर्च चल सके।
इसी तरह कई अन्य दुकानदार भी गैस संकट से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि गैस एजेंसियों पर कमर्शियल सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही या समय पर वितरण नहीं हो पा रहा है। इसके चलते छोटे व्यापारियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, प्रशासन का दावा है कि जनपद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की जा रही है। हालांकि जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो उनका रोजगार पूरी तरह खत्म हो सकता है।
गैस संकट ने न केवल छोटे व्यापारियों को प्रभावित किया है, अपितु आम लोगों की दिनचर्या पर भी असर डाला है। सस्ते और आसानी से मिलने वाले स्ट्रीट फूड की उपलब्धता कम हो गई है, जिससे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके और उनकी आजीविका फिर से पटरी पर लौट सके।
जैथरा में गैस किल्लत से ठप हुआ ठेला-व्यवसाय, दर्जनों परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट
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