एटा। साइबर अपराधी अब छोटे छोटे कस्बों और गांवों तक अपना नेटवर्क बना चुके हैं। जैथरा जैसे छोटे कस्बों तक इसकी पहुंच साफ दिखाई देने लगी है। आसान पैसों का लालच देकर साइबर ठग नौजवानों और किशोरों को अपराध की दुनिया में धकेल रहे हैं। जानकारी के अभाव और जल्द अमीर बनने की चाह में कई किशोर अनजाने में साइबर फ्रॉड का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
हाल ही में साइबर पुलिस ने जैथरा क्षेत्र में कई युवाओं से पूछताछ की थी। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ युवक ऐसे गिरोहों के संपर्क में थे, जो उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी खातों के संचालन और संदिग्ध डिजिटल लेनदेन जैसे कामों में शामिल करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि इन युवाओं को मोटी कमाई का सपना दिखाकर धीरे-धीरे गैरकानूनी गतिविधियों में फंसाया जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोशल मीडिया, गेमिंग ऐप और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर अपराधी किशोरों से संपर्क साधते हैं। शुरुआत में छोटे-मोटे काम और मामूली रकम देकर भरोसा जीता जाता है, फिर बड़े फ्रॉड का हिस्सा बना दिया जाता है। कई मामलों में नौजवानों को यह तक पता नहीं होता कि वे किसी अपराध में शामिल हो चुके हैं।
साइबर पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें साइबर अपराधों के तरीकों व खतरों के बारे में जागरूक करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
कहीं आपका बच्चा तो नहीं हो रहा साइबर फ्रॉड का शिकार? छोटे कस्बों तक फैला साइबर अपराध का जाल
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