किरावली। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए बने तहसील परिसर में सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब अपनी जमीन की पैमाइश कराने पहुंचे एक किसान के साथ कथित तौर पर लेखपाल द्वारा मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। घटना ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम रायमा निवासी किसान मनोज सिंह सोमवार को अपनी शिकायत लेकर तहसीलदार दीपांकर के पास पहुंचे थे। किसान का आरोप है कि तहसीलदार ने मामले के निस्तारण के लिए उन्हें संबंधित लेखपाल वीरपाल सिंह के पास भेज दिया। आरोप है कि जैसे ही किसान लेखपाल के पास पहुंचा और पैमाइश के संबंध में कागजात दिखाते हुए कथित रूप से लिए गए पैसों के बावजूद काम न करने का सवाल उठाया, वैसे ही लेखपाल का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। किसान का आरोप है कि लेखपाल ने पहले दबंग लहजे में धमकाया और फिर खुलेआम गुंडई दिखाते हुए उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।किसान द्वारा तहसीलदार को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल वीरपाल सिंह एवं उनके पीए ने दो कृषि चकों की नाप कराने के नाम पर अवैध धनराशि ली। शिकायत के अनुसार रकम लेने के बाद पहले खेत की पैमाइश कर उसका परचा दे दिया गया, लेकिन दूसरे खेत की नाप करने से लगातार इंकार किया जाता रहा। किसान का आरोप है कि जब उसने दोबारा पैमाइश कराने का अनुरोध किया तो लेखपाल ने कथित रूप से कहा, “मेरी मर्जी, मैं दूसरे खेत की नाप नहीं करूंगा, पहले सरकारी आदेश लेकर आओ।”सोमवार को तहसील परिसर में हुई कथित मारपीट के बाद किसानों और स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। वायरल वीडियो में एक फरियादी किसान के साथ अभद्र व्यवहार और हाथापाई होती दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।मामले में पक्ष जानने के लिए उप जिलाधिकारी किरावली से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं लेखपाल का पक्ष भी समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका।तहसील परिसर में एक फरियादी किसान के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना ने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो और किसान की शिकायत के बाद मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।
