लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई इलाके में एक पेट्रोल पंप पर मुफ्त पेट्रोल को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। भारत पेट्रोल पंप के मैनेजर राजेश यादव ने तेलीबाग निवासी एसयूवी सवार दारोगा के बेटे मोहित रंजन और उनके साथी अशोक सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मैनेजर का कहना है कि मुफ्त में पेट्रोल न देने पर आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।
क्या है पूरा मामला?
पेट्रोल पंप मैनेजर राजेश यादव के अनुसार, यह घटना 2 जनवरी की रात को हुई थी। मोहित रंजन और अशोक सिंह एक एसयूवी में पेट्रोल पंप पर आए थे। मोहित ने अपने पिता के दारोगा होने का रौब दिखाते हुए पेट्रोल पंप कर्मी से मुफ्त में पेट्रोल भरने को कहा। जब कर्मी ने इसका विरोध किया, तो मोहित और अशोक ने गाली-गलौज करते हुए हाथापाई शुरू कर दी।
जान से मारने की धमकी
आरोप है कि इसके बाद मोहित ने अपनी एसयूवी राजेश के दफ्तर के सामने खड़ी कर दी और चाकू निकालकर उनका गला रेतकर हत्या करने की धमकी दी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी ईस्ट जोन शशांक सिंह के मुताबिक, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहित रंजन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके साथी अशोक सिंह की तलाश अभी भी जारी है। बताया जा रहा है कि आरोपी मोहित रंजन के पिता अयोध्या में तैनात हैं।
पद और रसूख का दुरुपयोग
यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के परिजन या बच्चों द्वारा अपने पद और रसूख का गलत इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। अक्सर देखा जाता है कि नेता, व्यापारी और सरकारी कर्मचारियों के बच्चे और रिश्तेदार अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हैं और कई बार तो इस तरह से व्यवहार करते हैं जैसे कानून उनके नियंत्रण में हो।