Lucknow Triple Murder Case: लखनऊ के ब्राह्मणी टोला तिहरे हत्याकांड में 25 हजार के इनामी राजेश शुक्ला गिरफ्तार। डीजीपी राजीव कृष्णा की मुलाकात के बाद पुलिस का एक्शन, दिव्या की तलाश जारी।
- डीजीपी की मुलाकात के अगले ही दिन पुलिस का बड़ा एक्शन
- 25 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला गिरफ्तार
- ऋषभ की बहन दिव्या की तलाश में पुलिस की टीमें
- पार्किंग और चबूतरे का विवाद बना तिहरे हत्याकांड की वजह
- 5 दिसंबर को होनी थी सुयश की शादी, परिवार में छाया मातम
- जिस परिवार को कभी दी थी पनाह, उसी से चल रहा था विवाद
- अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी नजर
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चर्चित तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला उर्फ तुन्नू को गिरफ्तार कर लिया है। सआदतगंज पुलिस ने उसे उसी क्षेत्र से दबोचा, जहां वह फरारी काट रहा था। खास बात यह है कि पुलिस की यह कार्रवाई डीजीपी राजीव कृष्णा की पीड़ित परिवार से मुलाकात के महज 24 घंटे के अंदर हुई है। डीजीपी ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया था।
इस तिहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के चाचा राजेश शुक्ला की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। वहीं, पुलिस की टीमें अब 25 हजार रुपये की इनामी और ऋषभ की बहन दिव्या की तलाश में जुटी हैं। पुलिस इससे पहले मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
डीजीपी की मुलाकात के अगले ही दिन पुलिस का बड़ा एक्शन
लखनऊ के ब्राह्मणी टोला में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड को लेकर पुलिस प्रशासन पर लगातार कार्रवाई का दबाव था। इसी बीच शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली।
डीजीपी ने मृतक शिवाजी तिवारी की पत्नी को आश्वासन दिया कि मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और परिवार को उचित न्याय दिलाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान पीड़िता ने आरोपी राजेश शुक्ला उर्फ तुन्नू और चचेरे भाई रविंद्र शुक्ला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी। अब राजेश शुक्ला की गिरफ्तारी को इसी कार्रवाई की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
25 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, तिहरे हत्याकांड में फरार चल रहे राजेश शुक्ला पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला का चाचा है। सआदतगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे उसी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
राजेश शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे पूछताछ कर सकती है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि तिहरे हत्याकांड में उसकी क्या भूमिका रही और वारदात के बाद फरारी के दौरान किन लोगों ने उसकी मदद की।
हालांकि, मामले में उसकी भूमिका और अन्य आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
ऋषभ की बहन दिव्या की तलाश में पुलिस की टीमें
राजेश शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की कार्रवाई जारी है। तिहरे हत्याकांड में फरार चल रही ऋषभ शुक्ला की बहन दिव्या पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित बताया गया है।
पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। इसके अलावा मामले में अन्य फरार आरोपियों की भूमिका और संभावित मददगारों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पार्किंग और चबूतरे का विवाद बना तिहरे हत्याकांड की वजह
यह सनसनीखेज वारदात 26 अक्टूबर को लखनऊ के ब्राह्मणी टोला इलाके में हुई थी। यहां पार्किंग और चबूतरे को लेकर विवाद के बाद गोलीबारी की घटना सामने आई थी।
आरोप है कि मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला ने गोली मारकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी थी। मृतकों की पहचान 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई थी।
शिवाजी तिवारी सचिवालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में जिला कार्यवाह की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे। उनके भाई शिवेंद्र तिवारी लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत थे, जबकि बेटा सुयश बिजली के सामान का कारोबार करता था।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
5 दिसंबर को होनी थी सुयश की शादी, परिवार में छाया मातम
इस हत्याकांड का सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतक सुयश तिवारी की शादी पांच दिसंबर को होनी थी। परिवार में विवाह की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन 26 अक्टूबर की वारदात ने सारी खुशियां छीन लीं।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार को अब न्याय मिलने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार है।
जिस परिवार को कभी दी थी पनाह, उसी से चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार, शिवाजी तिवारी के पिता ने वर्षों पहले ऋषभ शुक्ला के परिवार को पनाह दी थी। बाद में दोनों परिवारों के बीच पुराना विवाद चलने लगा था।
बताया जा रहा है कि पार्किंग और चबूतरे को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया और आखिरकार इसने खूनी रूप ले लिया। हालांकि, विवाद के सभी पहलुओं और हत्या की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी नजर
डीजीपी राजीव कृष्णा की पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राजेश शुक्ला की गिरफ्तारी ने मामले में पुलिस कार्रवाई को नई गति दी है। अब पुलिस के सामने ऋषभ की बहन दिव्या समेत अन्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने की चुनौती है।
पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का प्रयास है कि मामले से जुड़े सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए।
राजधानी के इस तिहरे हत्याकांड में अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है।
