झाँसी/ओरछा। बुंदेलखंड की अयोध्या कहे जाने वाले पावन ओरछा धाम की धरती जल्द ही अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनने जा रही है। यहाँ आयोजित होने जा रहे पंचदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव को लेकर न केवल स्थानीय नागरिकों, बल्कि देश-विदेश के कला प्रेमियों में भारी उत्साह है।
समाजसेवी दिलीप पांडेय ने इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ओरछा धाम की पावन धरा इस महोत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना का महाकुंभ बनने जा रही है। उन्होंने इस दूरदर्शी सोच के लिए माननीय राजा बुंदेला जी को बधाई देते हुए इसे बुंदेलखंड के गौरव को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला कदम बताया।
सनातन संस्कृति और कला का संगम
यह पांच दिवसीय महोत्सव भारतीय सनातन संस्कृति, कला, परंपरा और समृद्ध विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य करेगा। आयोजन में देश-विदेश के ख्याति प्राप्त कलाकार, विद्वान और पर्यटक एक मंच पर जुटेंगे। इससे न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ओरछा की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा को भी एक नई पहचान मिलेगी।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
स्थानीय विशेषज्ञों और नागरिकों का मानना है कि राजा बुंदेला जी के कुशल नेतृत्व में होने वाला यह आयोजन क्षेत्र के पर्यटन क्षेत्र के लिए ‘माइलस्टोन’ साबित होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस महोत्सव से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प, होटल व्यवसाय और अन्य आर्थिक गतिविधियों में भारी वृद्धि की उम्मीद है।
दिलीप पांडेय का संदेश
समाजसेवी दिलीप पांडेय ने अपने संदेश में कहा:
“यह महोत्सव ओरछा धाम की महिमा को विश्वभर में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। ओरछा धाम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और प्राचीन मंदिरों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, और यह आयोजन इस पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।”
