आगरा – 29 मार्च 2019 को हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में, अदालत ने किराएदार को ज़िंदा जलाने वाली मां और उसकी दो बेटियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-4) ने इस जघन्य अपराध के लिए श्रीमती सुनीता तोमर और उनकी बेटियों रेनू और पूनम को दोषी मानते हुए 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
क्या था मामला?
यह घटना आगरा के राम विहार, देवरी रोड, फेस-3 में हुई थी। मृतक राजेश शुक्ला अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण मकान मालिक कंचन सिंह तोमर के घर का किराया नहीं चुका पा रहा था। इसी बात को लेकर 29 मार्च 2019 को उसका मकान मालकिन सुनीता तोमर और उनकी दो बेटियों रेनू और पूनम से विवाद हो गया।
मामला इतना बढ़ गया कि मां-बेटियों ने मिलकर राजेश शुक्ला के साथ मारपीट की और फिर उस पर मिट्टी का तेल डालकर ज़िंदा जला दिया। राजेश की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस लोमहर्षक घटना को अंजाम देने के बाद तीनों मां-बेटियां फरार हो गईं।
पुलिस की कार्रवाई और सज़ा
पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उन पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आखिरकार, सदर थाना पुलिस ने उन्हें 7 जुलाई 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान, एडीजे-4 ने गवाहों के बयान, मृतक की मेडिकल रिपोर्ट और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मंगल सिंह उपाध्याय के तर्कों को ध्यान में रखते हुए सुनीता तोमर, रेनू और पूनम को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाकर न्याय सुनिश्चित किया।
