सांसद रवि किशन का अखिलेश यादव पर पलटवार, “2027 में हारने वाले महाकुम्भ का अपमान कर रहे”

3 Min Read
सांसद रवि किशन का अखिलेश यादव पर पलटवार, "2027 में हारने वाले महाकुम्भ का अपमान कर रहे"

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के महाकुंभ में 6 दिन के अंदर 7 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संख्या पर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवाल पर भाजपा सांसद रवि किशन ने तीखा पलटवार किया है। शुक्रवार को एक बयान में रवि किशन ने कहा, “जो लोग 2027 में हारने जा रहे हैं, वही महाकुंभ के इस भव्य आयोजन पर सवाल उठा रहे हैं। यह महाकुंभ श्रद्धालुओं का अपमान है, सनातन धर्म का अपमान है।”

अखिलेश यादव ने महाकुंभ को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि सरकार का हर आंकड़ा फर्जी है और कुछ ट्रेनें खाली जा रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने 7 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संख्या को भी असत्य बताया था।

रवि किशन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह महाकुंभ आ रहे श्रद्धालुओं का अपमान नहीं तो और क्या है। प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या आवश्यकता है? यहां जो भी आ रहा है, वह अपनी आंखों से इस विशाल भीड़ को देख रहा है।” उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का यह बयान सिर्फ राजनीति का हिस्सा है।

रवि किशन ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के महाकुंभ दौरे पर भी टिप्पणी करते हुए कहा, “सबको यहां आकर डुबकी लगानी चाहिए।”

इस पर यूपी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “महाकुंभ दुनिया में सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। इससे बड़ा आयोजन कहीं नहीं होता। अगर अखिलेश यादव यह बयान देकर अपनी राजनीति दिखाना चाहते हैं तो वो जानें। मगर जब बात भारत की संस्कृति और सभ्यता की आती है, तो हम सबको एक होकर इसे मजबूत करना चाहिए।”

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए कहा, “योगी आदित्यनाथ ने जो कार्य किया है, वह सबके बस का नहीं है। उनका योगदान ऐतिहासिक है।”

महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु आने के कारण यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए भी यह एक अहम घटना मानी जाती है। इस दौरान श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए आते हैं और उनकी संख्या में दिन-ब-दिन वृद्धि हो रही है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version