संस्कृति विश्वविद्यालय में भारतरत्न पूर्व राष्ट्रपति डा अब्दुल कलाम की जयंती के उपलक्ष्य पर इनोवेशन और विश्व स्टूडेंट्स डे के अवसर पर विश्वविद्यालय के इनोवेशन क्लब द्वारा पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के देशी और विदेशी छात्रों ने अपने नवीन विचारों को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन फिजी देश के उप उच्चायुक्त नीलेश कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि नवाचार की कोई सीमा नहीं होती है और दुनिया के विभिन्न कोनों से युवाओं को अपने रचनात्मक विचारों को प्रदर्शित करने के लिए एक साथ आते देखना अद्भुत है। ये नवाचार न केवल अपने देशों के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए एक उज्जवल भविष्य को आकार देने की क्षमता रखते हैं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सचिन गुप्ता, विश्वविद्यालय की सीईओ डा मीनाक्षी शर्मा, उपकुलपति प्रो एम बी चेट्टी, सेंटर आफ एप्लाइड पालटिक्स के डायरेक्टर डा रजनीश त्यागी, डीन छात्र कल्याण डा डी एस तोमर, प्रिंसिपल डा विशाल, सीनियर मैनेजर आफ ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अनुजा गुप्ता, पीआरओ किशन चतुर्वेदी आदि विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों सहित सभी डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता ने छात्रों को उनके उल्लेखनीय इनोवेटिव विचारों के लिए सराहना की तथा कहा कि छात्रों के द्वारा प्रस्तुत वैचारिक समाधान न केवल अभूतपूर्व है बल्कि विश्व भर में सामाजिक रूप से प्रासंगिक है।

इनोवेशन क्लब के संयोजक प्रो रतीश शर्मा, डा कुंदन चौबे, डा गौरव सारंग, डा नेहा पाठक, डा रोहित सिंघल, डा आर पी जयसवाल, सुभांगी पाटीदार और डा करन गुप्ता ने इस आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिभागियों में से निर्णायक मंडल ने ब्लॉक चैन पर आधारित वोटिंग सिस्टम पर इनोवेटिव आईडिया पर पोस्टर प्रदर्शित करने पर स्कूल आफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से रेनू चौधरी, अनुज शर्मा और कार्तिक तिवारी को प्रथम स्थान दिया। उच्च ताप पर एडवांस सुपरकंडक्टर्स पर स्कूल आफ़ मेडिकल एलाइड सांइस के दो विदेशी छात्र एडेल और फेस्टस को द्वितीय स्थान और विशाल और शिवम गौतम को वायरलेस दूरी मापन यंत्र पर पोस्टर प्रदर्शित करने पर तृतीय स्थान दिया गया। इसके अलावा सांत्वना पुरस्कार के लिए एम एस लहरी, धनसारी प्रसन्ना, बी एस सी (रेडीयेशन इमेजिंग टेक्नोलॉजी) और तनुष्ठा वशिष्ठ, बी एस सी, बीएड को चुना गया।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के डीन छात्र कल्याण डा धर्मेन्द्र सिंह तोमर ने सभी का आभार व्यक्त किया।
