दोस्तों के साथ पहाड़ों में बने गहरे गड्ढे में नहाने पहुंचे थे छात्र, एसडीएम और एसीपी ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
ग्रामीणों का आरोप: सूचना के डेढ़ घंटे बाद पहुंचे अधिकारी, स्थानीय गोताखोरों की मदद से खुद तलाशे छात्रों के शव
अछनेरा/किरावली। नगला मंशा स्थित धनौली के अरावली पहाड़ों में खनन के बाद बने गहरे खड्ड में भरे पानी में नहाने उतरे नौवीं कक्षा के दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई। बुधवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद पांच दोस्त पहाड़ों की ओर गए थे। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। एसडीएम और एसीपी समेत पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पंचनामा भरने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति आक्रोश जताया। ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे। उनका कहना था कि यदि अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया गया होता तो इतने गहरे खड्ड नहीं बनते और यह हादसा भी नहीं होता। ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर अवैध खनन को लेकर मिलीभगत का आरोप भी लगाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायभा स्थित लॉर्ड शिवा पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले पांच छात्र बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल की छुट्टी के बाद धनौली के पहाड़ों की ओर चले गए। बताया गया है कि इनमें से दो छात्र खनन के बाद बने गहरे खड्ड में भरे पानी में नहाने के लिए उतर गए। गहराई अधिक होने के कारण दोनों पानी में डूब गए। बाहर खड़े तीन दोस्तों ने शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।ग्रामीणों का कहना था कि खनन के बाद बने इन गहरे गड्ढों में वर्षा का पानी भर गया है। पानी के अंदर दलदल होने के कारण दोनों छात्र उसमें फंस गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसका खामियाजा दो छात्रों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।सूचना पर किरावली और अछनेरा पुलिस के साथ एसडीएम अभिनव पाठक, तहसीलदार दीपांकर और एसीपी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों छात्रों को पानी से बाहर निकाला गया। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछनेरा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।मृतकों की पहचान नगला मंशा निवासी देवमोहन (15) पुत्र ईश्वरी प्रसाद और मगूरा निवासी करन सिंह (14) पुत्र रामेंद्र सिंह के रूप में हुई। देवमोहन दो भाइयों में बड़ा था। उसके पिता मार्बल का काम करते हैं। वहीं करन अपने किसान पिता का इकलौता बेटा था। दोनों छात्रों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया।चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी बदहवास परिजन बच्चों को आगरा स्थित एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाने पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में दोनों शवों को एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
