कचौरा में वर्षों पुराने जलभराव के स्थायी समाधान के लिए सांसद ने निजी स्तर पर 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक खर्च करने का किया था ऐलान
आगरा। अछनेरा ब्लॉक के गांव कचौरा में वर्षों से बनी जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों में एक बार फिर आक्रोश बढ़ने लगा है। स्थायी समाधान के लिए एक सप्ताह के भीतर काम शुरू कराने का वादा किया गया था, लेकिन 14 दिन बीतने के बाद भी धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। अब सांसद के भाई प्रमोद चाहर ने ग्रामीणों को फिर दो दिन का आश्वासन दिया है और कहा है कि एस्टीमेट तैयार हो चुका है, जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
कचौरा-अछनेरा मार्ग क्षेत्र के दर्जनों गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों राहगीर गुजरते हैं। छात्रों से लेकर रोजमर्रा के कामकाज और इलाज के लिए आने-जाने वाले लोगों तक को जलभराव के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था न होने से समस्या वर्षों से बनी हुई है।करीब तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं होने से सड़क दोबारा जलभराव की चपेट में आ गई। लगातार पानी भरे रहने से सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों में बदल गई है। पानी और गड्ढों के बीच से गुजरते समय आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे हैं।समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों और छात्रों ने कई बार शिकायत पत्र दिए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका। जलभराव को लेकर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन भी हुए। छात्रों ने पानी भरी सड़क के बीच तिरंगा यात्रा निकालकर अपना आक्रोश जताया था। इसके बाद समस्या को लेकर क्षेत्र के दर्जनों गांवों की दो दिवसीय पंचायत आयोजित की गई।
सांसद ने फोन पर किया था खर्च का ऐलान,पंचायत के दौरान सांसद राजकुमार चाहर ने फोन पर स्पीकर के माध्यम से ग्रामीणों से बातचीत की थी। ग्रामीणों के अनुसार सांसद ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए निजी स्तर पर 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक खर्च करने का ऐलान किया था।पंचायत के दूसरे दिन सांसद के पहुंचने की बात कही गई थी, लेकिन उनकी जगह उनके छोटे भाई प्रमोद चाहर पहुंचे। उन्होंने सांसद का संदेश देते हुए ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जो वादा किया गया है, वह पूरा होगा।
कहा था—सात दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो पानी में बैठूंगा ,ग्रामीणों के अनुसार प्रमोद चाहर ने पंचायत में कहा था कि एक सप्ताह के भीतर समाधान के लिए काम शुरू कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि तय समय में काम शुरू नहीं हुआ तो वह स्वयं जलभराव वाली सड़क पर आकर पानी में बैठेंगे।लेकिन 17 अगस्त से 31 अगस्त तक 14 दिन बीतने के बावजूद मौके पर समाधान के लिए कोई काम शुरू नहीं हो सका। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और वादे को लेकर सवाल उठने लगे।ग्रामीणों ने सांसद के भाई को उनके द्वारा किए गए वादे की याद दिलाई और काम शुरू न होने पर सवाल किए। इस पर 31 अगस्त को प्रमोद चाहर ने एक बार फिर दो दिन के भीतर काम शुरू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कार्य का एस्टीमेट तैयार हो चुका है और जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।आज दो दिन पूरे हो जाएंगे।
अब आश्वासन नहीं, काम का इंतजार,लगातार मिल रहे आश्वासनों के बीच कचौरा-अछनेरा मार्ग पर जलभराव की समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। पानी और गड्ढों से भरी सड़क से गुजरते समय राहगीर जोखिम उठा रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुरानी इस समस्या पर अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम दिखाई देना चाहिए। क्षेत्र में अब लोगों की निगाहें दो दिन के नए आश्वासन पर टिकी हैं कि आखिर जल निकासी के स्थायी समाधान का काम कब शुरू होगा।
