आगरा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने विजयादशमी के पावन अवसर पर अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव देश भर में मनाया जा रहा है, और इसी कड़ी में अवधपुरी की अवध शाखा पर आयोजित विजयादशमी उत्सव में स्वयंसेवकों को प्रांत प्रचारक धर्मेंद्रजी ने संबोधित किया। उन्होंने घोषणा की कि यह शताब्दी वर्ष केवल जश्न मनाने का नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज को संगठित करने के लिए स्वयं को फिर से समर्पित करने का समय है।

शताब्दी वर्ष में कार्य विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर जोर
प्रांत प्रचारक धर्मेंद्रजी ने बताया कि डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर की पुण्य भूमि में संघ की स्थापना की थी। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि संघ कोई नया कार्य नहीं कर रहा, बल्कि कई शताब्दियों से चले आ रहे कार्य को आगे बढ़ा रहा है।

संघ ने समाज जीवन के हर आयाम में कार्य विस्तार किया है और आपदा के समय हमेशा सबसे पहले सेवा कार्य में जुटा रहा है।
उन्होंने स्वयंसेवकों से शताब्दी वर्ष में अधिक सावधानी, गुणवत्ता और व्यापकता से कार्य करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
देशव्यापी संपर्क और सद्भाव की योजना
संघ इस शताब्दी वर्ष को संगठन के विस्तार और समाज में सद्भाव बढ़ाने के लिए एक बड़े अभियान के रूप में मना रहा है। प्रांत प्रचारक ने आगामी योजनाओं का ब्यौरा देते हुए कहा:
हर घर संपर्क अभियान:
नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक तीन सप्ताह के लिए बड़े पैमाने पर ‘हर गांव, हर बस्ती, घर-घर’ संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान संघ साहित्य का वितरण किया जाएगा और स्थानीय इकाइयों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
* हिन्दू सम्मेलन:
सभी मंडलों और बस्तियों में हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। स्वयंसेवक पंच परिवर्तन के विषय के साथ समाज के बीच जाएंगे।
* सामाजिक सद्भाव बैठकें:
खंड/नगर स्तर पर सामाजिक सद्भाव बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनका उद्देश्य सांस्कृतिक आधार और हिन्दू चरित्र को खोए बिना आधुनिक जीवन जीने का संदेश देना होगा, जैसा कि उन्होंने महाकुम्भ के उदाहरण से स्पष्ट किया।
धर्मेंद्रजी ने दोहराया कि हिन्दू समाज का पुनर्जागरण और उसे संगठित करना ही संघ का मूल उद्देश्य रहा है।
आगरा विभाग में उत्साहपूर्ण उत्सव

प्रांत सह प्रचार प्रमुख मनमोहन निरंकारी ने बताया कि आगरा विभाग में सभी स्थानों पर स्वयंसेवकों ने मंडल, खंड/नगर स्तर पर उत्साहपूर्वक विजयादशमी उत्सव मनाया। सभी स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित हुए। बौद्धिक और प्रार्थना के बाद घोष की धुनों पर पथ संचलन निकाला गया, जिस पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा की।

निरंकारी जी ने जानकारी दी कि आगरा विभाग के तीन महानगरों और तीन जिलों में 472 शाखाएं लग रही हैं। आगामी 5 अक्टूबर तक 472 कार्यक्रम और आयोजित किए जाएंगे, साथ ही विभाग में 140 पथ संचलन भी निकलेंगे।

उत्सव कार्यक्रम से पहले शस्त्रों का पूजन किया गया। कार्यक्रम स्थलों पर संघ की 100 वर्ष की यात्रा की प्रदर्शनी और संघ साहित्य की स्टॉल भी लगाई गई, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया और खरीदारी की। कार्यक्रम की व्यवस्था प्रदीप भदौरिया ने संभाली।

गुरुवार को विजयादशमी उत्सव में अशोक कुलश्रेष्ठ, प्रांत प्रचार प्रमुख कीर्ति, विभाग प्रचारक रोहित, विभाग कार्यवाह सुनील दीक्षित, अशोक अग्रवाल, दलीप गोयल, और श्याम किशोर गुप्ता ने विभिन्न स्थानों पर बौद्धिक दिए।
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