RLD अध्यक्ष जयंत चौधरी ने बड़ा सांगठनिक फेरबदल करते हुए राष्ट्रीय सचिव अनुपम मिश्रा को उत्तर प्रदेश का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे आगामी चुनाव का पूरा प्रबंधन संभालेंगे।
लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Election) को लेकर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बड़ा सांगठनिक फेरबदल करते हुए राष्ट्रीय सचिव अनुपम मिश्रा को उत्तर प्रदेश का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।
यह फैसला वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय की चुनावी तैयारियों को देखते हुए लिया गया है। अनुपम मिश्रा अब पूरी तरह से विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी का चुनाव प्रबंधन (Election Management) संभालेंगे और संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करेंगे।
रामाशीष राय लड़ेंगे फाजिलनगर सीट से चुनाव?
रालोद के इस कदम के पीछे की मुख्य वजह वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय का सक्रिय राजनीति में उतरना है। सूत्रों के मुताबिक, रामाशीष राय कुशीनगर जिले की फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुटे हैं।
गठबंधन का समीकरण: वर्तमान में फाजिलनगर सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सुरेंद्र कुमार कुशवाहा विधायक हैं। चूंकि रालोद वर्तमान में एनडीए (NDA) का हिस्सा है, इसलिए पार्टी इस सीट को गठबंधन के तहत अपने पाले में हासिल करने की पुरजोर कोशिश कर रही है।
6 वर्षों में निभाई कई अहम जिम्मेदारियां, जयंत के कोर टीम के सदस्य
अनुपम मिश्रा को संगठन में एक बेहद कुशल रणनीतिकार माना जाता है। वे वर्ष 2020 से रालोद से जुड़े हुए हैं। महज छह वर्षों के छोटे से कार्यकाल में उन्होंने पार्टी के भीतर कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है:
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राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता
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‘टीम आरएलडी’ (Team RLD) के राष्ट्रीय संयोजक
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झारखंड राज्य के पार्टी प्रभारी
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युवाओं को पार्टी से जोड़ने वाले लोकप्रिय ‘सारथी’ कार्यक्रम का नेतृत्व
उनकी इसी कार्यकुशलता और सांगठनिक क्षमता को देखते हुए जयंत चौधरी ने उन्हें अपनी कोर टीम में जगह दी है और अब प्रदेश में चुनाव प्रबंधन की सबसे बड़ी कमान सौंपी है।
नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी के अनुसार, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी ने अनुपम मिश्रा के नाम की आधिकारिक घोषणा की। मिश्रा के मनोनयन पर पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों सहित आम कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है और सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं देने का तांता लगा हुआ है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस नई जिम्मेदारी से कार्यकर्ताओं में एक नया जोश आएगा और एनडीए गठबंधन के तहत रालोद आगामी विधानसभा चुनावों में बेहद मजबूती के साथ उभरेगी।
