खंड शिक्षा अधिकारी का विवादित बयान— “पीली ईंट लग गई तो क्या, किसी की हत्या तो नहीं हुई”
शैलेश गौतम,अग्र भारत संवाददाता ,अछनेरा। ब्लॉक अछनेरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत अंगनपुरा में विधायक निधि से लगभग 25 लाख रुपये की लागत से बन रहे विद्यालय भवन के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदारों की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण में मानकों की अनदेखी करते हुए पीली ईंटों एवं कथित रूप से घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जबकि संबंधित अधिकारी केवल खानापूर्ति करते नजर आ रहे हैं।
सोमवार को स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। कई दैनिक समाचार पत्रों में भी यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो भवन की मजबूती प्रभावित होगी और भविष्य में बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है।मामले में जब खंड शिक्षा अधिकारी, सौरभ आनंद अछनेरा से संपर्क कर अनियमितताओं के संबंध में जानकारी ली गई तो उनका बयान चर्चा का विषय बन गया। संवाददाता द्वारा घटिया सामग्री के उपयोग की बात उठाने पर उन्होंने कहा, “पीली ईंट लग गई तो क्या हुआ, किसी की हत्या तो नहीं हुई है।” इस बयान के सामने आने के बाद क्षेत्र में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का यह रवैया संवेदनहीनता को दर्शाता है।बाद में खंड शिक्षा अधिकारी ने सफाई देते हुए कहा कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक की निगरानी में निर्माण कार्य चल रहा है तथा पीली ईंटों को हटवा दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि आगे मानकों के अनुरूप निर्माण कराया जाएगा। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि एक स्थान पर पीली ईंटों का पूरा चट्टा रखा है, जबकि दूसरे चट्टे की अधिकांश ईंटें निर्माण में उपयोग की जा चुकी थीं। उनका आरोप है कि विरोध के बाद ईंटें हटाई गईं, जिससे निर्माण में अनियमितता की आशंका और गहरा गई है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तहसील मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर तथा बीआरसी केंद्र अछनेरा से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन अब तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर भौतिक निरीक्षण नहीं किया गया है। इससे निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।इस पूरे प्रकरण पर कार्यवाहक उपजिलाधिकारी ने कहा है कि मामले की जांच के लिए तहसीलदार को मौके पर भेजा जाएगा और दोषी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो सके।
