किरावली। ज्योतिषपीठ के पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ‘गविष्टि यात्रा’ रविवार को किरावली स्थित मौनी बाबा आश्रम पहुंची। यहां आयोजित सभा में उन्होंने गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग दोहराते हुए केंद्र व राज्य सरकारों से गौ संरक्षण के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
शंकराचार्य ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में उसे केवल एक पशु के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। इसके लिए जनजागरण और जनसहभागिता दोनों आवश्यक हैं। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना होगा। इसके लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया। शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया कि वे गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अभियान को आगे बढ़ाएंगे तथा समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में जनसमर्थन जुटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। स्थानीय स्तर पर अभियान के संचालन की जिम्मेदारी कांग्रेस नेता मुकेश डागुर को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि अभियान से जुड़े प्रतिनिधि गांवों में जाकर लोगों को गौ संरक्षण के महत्व से अवगत कराएंगे। साथ ही गौसेवा और गौशालाओं के संचालन के लिए स्वैच्छिक सहयोग भी एकत्रित किया जाएगा, जिससे भविष्य में गौ कल्याण से जुड़े कार्यों को गति मिल सके। कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार, सपा नेता सुरेंद्र चौधरी, धर्मेंद्र भारद्वाज, सुरेंद्र शर्मा, बंटी पंडित, सोमेंद्र लवानिया, सत्यवीर शर्मा, मुकेश सिकरवार, नरेश सिकरवार, लाला इंदौलिया, पवन शर्मा, राजू सारस्वत सहित विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शंकराचार्य का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया।
गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए सभी दल आगे आएं : शंकराचार्य
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