शैलेश गौतम अग्र भारत संवाददाता
अछनेरा। विकास खंड अछनेरा के गांव रायभा में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आरंभ सोमवार को हो गया है। सुबह आठ बजे से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर एकत्रित हुए।
भागवत कथा के आयोजक ग्राम प्रधान रवि शर्मा के तत्वाधान में श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन रायभा धनोली मार्ग स्थित कथा परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा यज्ञ स्थल से कुल 501 कन्याओं व महिलाओ ने विधि विधान एवं पूजा-अर्चना के साथ जल को कलश में लेकर गांव का भ्रमण करते हुए कथा स्थल पर पहुंचे। बैंड-बाजे के साथ जय श्री राधे एवं देवी-देवताओं के नाम के उच्चारण जयघोष के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।कलश यात्रा में बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चे, परुष व महिलाओं ने हिस्सा लिया। कलश यात्रा में सबसे आगे भागवत जी को सिर पर उठाये आदरणीय श्री ग्या प्रसाद शर्मा श्रीमती चन्द्रवती शर्मा व परिवार के सभी सदस्य और समाज के बंधु चल रहे थे। कलश यात्रा में पीले वस्त्र धारण की हुई कन्याएं व महिलाएं सिर पर कलश लेकर मंगलगीत गाती चल रही थीं। कलश यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। इस मौके पर शोभा यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। इसके बाद मंत्रोच्चारण के बीच पुरोहितों द्वारा कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।वृंदावन से आए हुए अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास गौ भक्त श्री संजीव कृष्ण ठाकुर ने कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। श्रीमद् भागवत कथा मन की शुद्धि का साधन है। तन का स्नान तो लोग नाना प्रकार के साधन से कर लेते हैं, परंतु मन की शुद्धि के लिए सत्संग आवश्यक होता है। सत्संग श्रवण के लिए किसी उम्र सीमा की वैधता नहीं है। श्रीमद भागवत कथा के महत्व को समझाते हुए कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है। निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की आवस्यकता है। इस मौके पर रवि शर्मा,मृदुला शर्मा,भजनलाल शर्मा,केबिनेट मिश्रा,डॉ सूरज,रमाकांत शर्मा, हरेश कटारा,के साथ सैकड़ों ग्रामीण एवं वृंदावन से आए हुए भजन मंडली के सदस्य
मौजूद रहे।
