अग्रभारत संवाददाता दीपक शर्मा,
एक मजदूर की हालत गंभीर, घायल को उपचार के लिए आगरा किया गया रेफर
छटीकरा। रुकमणि विहार स्थित ओमैक्स के निर्माणाधीन मॉल में शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। शटरिंग गिरने से चार मजदूर दब गये जिनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो ने अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। घटना में एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसको आगरा रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। ओमेक्स द्वारा रुकमणि विहार गोल चक्कर के पास मॉल का निर्माण कराया जा रहा है। सुबह करीब सात बजे मजदूर शटरिंग के काम में लगे हुए थे। उसी समय शटरिंग टूट कर गिर गई। उसके नीचे काम कर रहे चार मजदूर सिमरी, नेपाल निवासी 40 वर्षीय शिवराम, वेस्ट बंगाल निवासी 30 वर्षीय आलम, 21 वर्षीय रसूल और 38 वर्षीय दिलदार दब गए। मौके पर काम कर रहे अन्य मजदूर और स्टाफ ने बचाव कार्य शुरू किया। चारों को मलबे के नीचे से निकाला गया जिसमें शिवराम की मौके पर मौत हो गई जबकि रसूल और आलम को सौ शैय्या अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए एक अन्य मजदूर, पश्चिम बंगाल निवासी 45 वर्षीय दिलदार को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहद नाजुक हालत में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है।
डीएम, एसएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया
निरीक्षण करने के बाद डीएम ने कहा कि शटरिंग में कहीं कमी आई है जिसके चलते हादसा हुआ है जिसमें तीन की मौत हुई है और एक घायल है। कारण क्या रहे, इसकी जाँच कराई जाएगी। कहा कि निर्माणाधीन मॉल का विकास प्राधिकरण से नक्शा पास है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेकर बेहतर उपचार और सहायता के निर्देश दिये हैं। एसएसपी ने कहा कि परिवारजनों से संपर्क किया जा रहा है, उनसे जो भी तहरीर प्राप्त होगी, उसके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
काम बंद, मौके पर मची अफरा तफरी
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर काम पूरी तरह रोक दिया गया। अचानक हुए हादसे से वहां मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। हादसे की खबर आसपास पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटने लगे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और राहत कार्य में जुटे लोगों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया।
निर्माण के दौरान ताक पर थी मजदूरों की सुरक्षा!
घटना स्थल पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था. कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम या सेफ्टी गियर उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण यह भीषण हादसा हुआ। राहत कार्य पूरा होने के बाद अब घटना के कारणों की जांच की जा रही है कि निर्माण कार्य में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।
