पुलिस से बेखौफ गुंडों ने बस स्टैंड पर रोडवेज के चालक-परिचालक को जमकर पीटा
एटा: तेजतर्रार एसएसपी डा. इलामारन जी के भयमुक्त समाज की स्थापना पर जैथरा के गली छाप गुंडों ने पानी फेर दिया। कस्बा में गुरुवार को देर शाम इन गुंडों ने बस स्टैंड पर जमकर उत्पात मचाया। पुलिस से बेखौफ गुंडों ने थाने से चंद कदम की दूरी पर बस स्टैंड पर अपने साथियों के साथ खुला नंगा-नाच किया। लोनी डिपो के चालक-परिचालक को खुलेआम जमकर पीटा। चालक-परिचालक खुद को बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन गुंडों की दहशत के चलते उन्हें कोई बचाने की हिमाकत न कर सका। गुंडों के आतंक से घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और एटा-अलीगंज मार्ग पर जाम के हालात पैदा हो गए। किसी तरह घटना की सूचना पुलिस को मिली, तो वह मौके पर पहुंची, तब तक गुंडातत्व मौके से भाग गए। इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
घटनाक्रम के अनुसार लोनी डिपो की रोडवेज बस संख्या यूपी-78 एचटी-5108 जैथरा से होकर दिल्ली की ओर जा रही थी। जैथरा बस स्टैंड पर गली-छाप गुंडों ने बस को रुकवा लिया। आरोप है कि उन्होंने चालक सुखवासी और परिचालक धर्मजीत के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर दोनों के साथ इन लोगों ने बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। गली छाप गुंडों ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया। यात्रियों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। थाने से चंद कदम की दूरी पर गुंडे खुला नंगा नाच करते रहे। इन गुंडों में पुलिस का कोई खौफ नजर नहीं आया। एटा-अलीगंज पर मुख्य मार्ग पर काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। इन गुंडों की लोगों में इतनी दहशत थी कि स्थानीय लोग चालक-परिचालक को बचाने की जहमत नहीं उठा पाए।
सूत्रों का कहना है कि गुंडई करने वालों के कुछ साथियों का आपराधिक इतिहास भी है और उनके खिलाफ पहले से संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। पीड़ित चालक और परिचालक ने जैथरा थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की सख्ती नहीं आ रही काम, गली छाप गुंडे हुए बेलगाम
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन जी की सख्ती के बावजूद गली-मोहल्लों में घूमने वाले अराजक तत्वों में पुलिस का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। जबकि पूरे जनपद में अपराधियों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और जिला बदर जैसी बड़ी कार्रवाइयों के थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद जैथरा में चालक परिचालक से साथ हुई घटना ने स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि थाना स्तर पर चिन्हित असामाजिक तत्वों के खिलाफ समय रहते प्रभावी और कठोर कार्रवाई की जाए और सत्यापन के साथ निगरानी बढ़ाई जाए तो इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है, परन्तु ऐसा धरातल पर नहीं हो रहा है।
पनप रहा पुलिस-अपराधी गठजोड़
एटा: इस तरह की घटनाओं पर अंकुश न लगने के पीछे पुलिस-अपराधी का गठजोड़ नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, कई अपराधियों के थाना पुलिस से मजबूत संबन्ध हैं। उनका रात के अंधेरे में दरोगा और सिपाहियों के कमरे तक आना-जाना रहता है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब पुलिस अपराधियों को पनाह और चाय देगी, तो कानून व्यवस्था का ध्वस्त होना तय है।
