Agra। आगरा मथुरा हाईवे किनारे रुनकता के समीप स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार कीठम झील इन दिनों विदेशी मेहमानों से गुलजारमान होने लगी है।हर वर्ष की तरह विदेशी पंछी झील में प्रवास पर आने लगे हैं। अभी तक जिनकी सख्या करीब दस हजार बताई जा रही है। जो पर्यटकों का मन मोह रहे हैं।बतादे कि नवंबर माह से फरवरी माह तक विदेशी पछी हर वर्ष सूर सरोवर पक्षी बिहार में आते हैं। जो करीब चार माह तक झील में प्रवास करते हैं। जिनको देखने के लिए पर्यटक इन दोनों काफी संख्या में पहुंचते हैं। और पंछी पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं।जानकारो के अनुसार ऐसे देशो से पंक्षी आगरा झील में प्रवास पर आते जिन देशों में गर्मी होना शुरू हो जाता है तो सर्दी के समय पंछी प्रवास करने के लिए भारत आते हैं। जब विदेश से पंछी निकलते हैं तो झुंड बनाकर आते हैं। जाते समय भी झुंड बनाकर निकलते हैं। जिससे कोई पंछी बिछड़ जाए। यह उनकी विशेषता मानी जाती है। :अधिक संख्या में आते हैं ये पंछी। पेलिकन, बारहडेड गूंज,कोमल पिंटेल , नॉर्थन पिंटेल, नॉर्थन ओवलर, ग्रे ले गूंज, स्पॉल बिल्डक आदि प्रजातियों के पंक्षी आते हैं। विशेष सुरक्षा के रहते हैं इंतजाम। विदेशी पंछी मेहमान आने के बाद झील में विशेष इंतजाम सुरक्षा के लिए किए जाते हैं। जिससे उनको प्रवास के समय किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। ध्वनि वाहनों को भी रोक दिया जाता है। स्वचालित वाहनों से पर्यटक झील में भ्रमण करते हैं।
पेलिकन नाम का पंछी रहता है आकर्षण का केंद्र। साइबेरिया देश से आने वाला पेलिकन नाम का पंछी पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र बना रहता है। जिसको देखने के लिए पर्यटक ऊत्सक बने रहते हैं।
विदेशी मेहमानों से चहक उठा सूर सरोवर पक्षी बिहार कीठम हर वर्ष दूसरे देशों से आते हैं झील में पंछी, करीब चार माह रहते हैं प्रवास पर
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