खसरा संख्या 315 फिर नगर निगम में आया चर्चाओं में
सरकारी जमीन पर बनी सड़क का कौन है जिम्मेदार?
समान अधिकार पार्टी के महानगर अध्यक्ष ने की जिला अधिकारी से शिकायत
क्या मुख्यमंत्री के सरकारी जमीन खाली करो फरमान पर होगी कार्रवाई?
आगरा। निगम नगर निगम के संपत्ति विभाग में फिर एक बार समान अधिकार पार्टी के एक पत्र ने हलचल मचा दी है उस पत्र में जिलाधिकारी से वही पुरानी शिकायत जिस पर नगर निगम का कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा बल्कि कान्हा गौशाला के सामने नगर निगम की जमीन पर बनी सड़क के चलते बिल्डर द्वारा पीछे बड़ी कॉलोनी डेवलप की जा रही है और यदि नगर निगम की जमीन से सड़क का रास्ता नहीं दिया जाए तो पूरा डेवलप हो रहा क्षेत्र अवैध निर्माण की श्रेणी में आ जाएगा।समान अधिकार पार्टी के महानगर अध्यक्ष सामोद कुमार पचौरी में जिलाधिकारी से खसरा नंबर 315 में बनी सड़क को नगर निगम की जमीन में बताया है। इसी पत्र को लेकर पिछले दिनों सहायक नगर आयुक्त एवं संपत्ति प्रभारी श्रद्धा तिवारी संपत्ति विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ टीम लेकर पहुंचे लेकिन टीम किसी भी न्याय उचित निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई।
मौजा छलेसर (एत्मादपुर) के खसरा नंबर 315/4 एवं 315/5 कान्हा गौशाला के पास सरकारी जमीन पर बनी सार्वजनिक सड़क को लेकर नगर निगम के संपत्ति विभाग में पहले ही कई शिकायत पेंडिंग पड़ी हुई है। इसके बावजूद समान अधिकार पार्टी आगरा के महानगर अध्यक्ष सामोद कुमार पचौरी ने जिलाधिकारी के नाम एक शिकायती पत्र दिया है जिसमें लिखा गया है कि बिल्डर गिरिराज शर्मा सरकारी जमीन पर सड़क बनाकर अपनी पीछे पड़ी जमीन को बेच रहा है। यह शिकायत इस खसरे को लेकर नई नहीं है लेकिन फिर एक बार मामला सुर्खियों में आ गया। यह मामला वैसे तो पहले से ही सुर्खियों में था,क्योंकि जिस समय इस सड़क का निर्माण करवाया जा रहा था उस समय नगर निगम के उच्च अधिकारियों ने एई दीपंकर को सड़क निर्माण रोकने के लिए भेजा था जो बहुत मुश्किल में अन्य ड्यूटी से भागते हुए जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे तो थे लेकिन वहां उनका इतना विरोध हुआ कि एक सरकारी अधिकारी को नगर निगम के उच्च अधिकारी के आदेश के बाद भी जान बचाकर भागना पड़ा। उसके बाद इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा हुआ और पीछे की सरकारी जमीन पर रास्ता देकर कॉलोनी डेवलप का कार्य शुरू हो गया।
पिछले दिनों शिकायत की जांच में सहायक नगर आयुक्त एवं संपत्ति प्रभारी श्रद्धा तिवारी अपनी टीम के साथ पहुंची जहा उन्होंने यह माना कि सड़क नगर निगम की जमीन पर है और इस पर दीवार खड़ी होनी चाहिए। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है ऐसे में यह कह पाना तो मुश्किल है कि नगर निगम की जमीन पर बनी सड़क पर रोक लगेगी लेकिन इतना जरूर है कि कहीं ना कहीं कोई ना कोई माननीय इस मैं जरूर सरकारी जमीन का दुरुपयोग करने के लिए सिफारिश कर रहा है अन्यथा की स्थिति में अब तक तो किसी कमजोर व्यक्ति के पीछे कॉलोनी होती तो सड़क पर दीवार खिंच जाती। कुछ भी हो लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री जिस तरह से आदेश दे रहे हैं कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं है,ऐसे में क्या नगर निगम के अधिकारी कोई सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर खसरा संख्या 315 ऐसे ही हमेशा हमेशा के लिए विवादित होकर सरकारी जमीन पर सड़क बनी रहेगी।
सभी जा चुके हैं कान्हा गौशाला
नगर निगम की बात करें तो जब कान्हा गौशाला का निर्माण हुआ उसके निरीक्षण के लिए सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन किसी को यह भनक नहीं लगी कि जिस जमीन पर खड़े होकर निरीक्षण कर रहे हैं वहा कल सड़क बन जाएगी।गौशाला का कार्य पूरा होने के बाद तुरंत नगर निगम की जमीन पर सड़क तैयार हो गई, इस मामले में सभी को गुमराह करने का काम निगम के संपत्ति विभाग ने किया।
