एटा/जैथरा: जैथरा नगर में इन दिनों नुमाइश लगाने की तैयारियां जोरों पर हैं। नुमाइश के लिए श्री गांधी सार्वजनिक इंटर कॉलेज जैथरा के क्रीड़ा स्थल को चुना गया है। यह वही कॉलेज है जो पहले अवैध निर्माण को लेकर चर्चा में रहा है। अब यहां व्यावसायिक गतिविधि की कवायद शुरू होने से फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है।
दरअसल, एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि किसी भी विद्यालय भवन या प्रांगण में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकतीं। कोर्ट ने कहा था कि शैक्षणिक संस्थाओं के बुनियादी ढांचे का प्रयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों और उनसे जुड़ी गतिविधियों के लिए ही किया जाना चाहिए। इसका मकसद स्कूल-कॉलेजों के शैक्षणिक माहौल को सुरक्षित रखना और खेल मैदानों को बच्चों के लिए संरक्षित करना था।
इसके बावजूद जैथरा में कॉलेज के क्रीड़ा स्थल पर टेंट-तम्बू लगने शुरू हो गए हैं। झूले, दुकानें और मनोरंजन के स्टॉल लगाने के लिए ठेकेदार जमीन नाप रहे हैं।
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशासन और शिक्षा विभाग हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार कर नुमाइश की अनुमति देगा? अगर नुमाइश लगती है तो कई हफ्तों तक बच्चों का खेल मैदान व्यावसायिक गतिविधियों में घिरा रहेगा। खेल मैदान की हालत भी खराब होगी।
प्रकरण में एसडीएम और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अब देखना यह है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी क्या जैथरा में नियमों को ताक पर रख दिया जाएगा, या प्रशासन कोर्ट के निर्देश का पालन कराते हुए नुमाइश के लिए वैकल्पिक स्थान तय करेगा। फिलहाल कॉलेज के मैदान पर चल रही तैयारियों ने पूरे मामले को विवादास्पद बना दिया है।
