8 दिन बाद एसीपी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा, थाना प्रभारी बोले,अभी विवेचना शुरू हुई है , चारों की पहचान होने पर बता दिया जाएगा
अग्र भारत संवाददाता
आगरा। जनपद आगरा के थाना किरावली क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उस समय खड़े हो गए, जब तेवतिया वाटर पार्क में नहाने आए युवक के लॉकर से नकदी और मोबाइल चोरी हो गए। पीड़ित ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, डायल 112 पर भी कॉल की, लेकिन कई चक्कर लगाने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। वाटर पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरे के जरिए चोर की पहचान करना आवश्यक समझा गया,अंततः आठ दिन बाद एसीपी अछनेरा के आदेश पर बीते बुधवार को मामला दर्ज हुआ।
बताया जाता है कि 5 मई को एत्मादौला के नुनिहाई गांव निवासी लखन अपने चार दोस्तों के साथ तेवतिया वाटर पार्क पहुंचे। वहां उन्होंने टिकट लेने के बाद एक लॉकर लिया, जिसमें सभी ने अपने कपड़े, मोबाइल और पर्स रख दिए तथा चाबी अपने पास सुरक्षित रख ली। नहाने के बाद जब सभी दोस्त वापस लॉकर पर पहुंचे और उसे खोला, तो अंदर से मोबाइल और दो पर्स गायब मिले। एक पर्स में 22,000 रुपये और दूसरे में 6,500 रुपये रखे थे। हैरानी की बात यह रही कि लॉकर बाहर से पूरी तरह सुरक्षित बंद था।पीड़ित ने इसकी शिकायत वाटर पार्क स्टाफ से की और सीसीटीवी कैमरे चेक कराने की मांग की, लेकिन वहां मौजूद एक गार्ड ने अभद्रता कर दी। इसके बाद पीआरवी 112 पर सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक की, जिसमें एक युवक हाथ में चाबियों का गुच्छा लिए लॉकर खोलकर सामान चोरी करता नजर आया।पीड़ित ने प्रवेश द्वार के कैमरे भी चेक कराने की मांग की, लेकिन आरोप है कि वाटर पार्क स्टाफ ने पुलिस के सामने ही दबंगई दिखाई। इसके बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः सहायक पुलिस आयुक्त अछनेरा शैलेन्द्र सिंह के निर्देश पर अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।हालांकि, अब भी पुलिस की कार्रवाई ढीली नजर आ रही है।इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक किरावली सत्यवीर सिंह का कहना है कि विवेचना अभी शुरू हुई है और आरोपियों की पहचान होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कहीं डुप्लीकेट चाबी से तो नहीं हो रही चोरी? तेवतिया वाटर पार्क में अव्यवस्था और दबंगई के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। थाना अछनेरा क्षेत्र के दो युवकों के मोबाइल भी इसी तरह गायब होने का मामला सामने आ चुका है। शिकायत करने पर कथित रूप से उनके साथ मारपीट की गई और पुलिस के जरिए उन्हें धमकाकर भगा दिया गया।भयभीत युवक डर के कारण शांत बैठ गए।पांच मई की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिसर में सीसीटीवी कैमरे होने के बावजूद पुलिस ने समय रहते फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने की गंभीर कोशिश नहीं की। पीड़ित और स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाटर पार्क कर्मचारियों की मिलीभगत से डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय पुलिस कार्रवाई करने के बजाय संरक्षण देने में जुटी है।
