पीतम शर्मा ,अग्र भारत संवाददाता
जनता बोली- न पुलिस इलाज के लिए ले गई, न ही किसी को ले जाने दिया, पीआरवी का अमानवीय चेहरा आया सामनेआगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र में आगरा-दिल्ली हाईवे पर रुनकता के समीप शुक्रवार दोपहर सड़क हादसे के बाद घायलों को समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए लोगों ने डायल 112 की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। घटना का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोगों का आरोप है कि पीआरवी के मौके पर पहुंचने के बावजूद घायल एक घंटे से अधिक समय तक सड़क पर तड़पते रहे।
जानकारी के अनुसार बोदला निवासी संजय, पूनम, अंजू और रिशू बाइक से रिश्तेदारी में फरह (मथुरा) जा रहे थे। रुनकता के समीप पीछे से आए अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार चारों लोग घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल महिलाएं और अन्य लोग दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगाते रहे। इसी दौरान सूचना पर डायल 112 की पीआरवी मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के बजाय एंबुलेंस का इंतजार किया।लोगों का कहना है कि उन्होंने घायलों को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया। नतीजा यह रहा कि घायल काफी देर तक सड़क किनारे पड़े उपचार का इंतजार करते रहे। बाद में उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई।हादसे के बाद टक्कर मारने वाला अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। वहीं वायरल वीडियो के बाद पीआरवी की कार्यप्रणाली और हादसे में घायलों को तत्काल मदद उपलब्ध कराने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
