जैथरा के श्री गांधी सार्वजनिक इंटर कॉलेज के मैदान में लग रही थी नुमाइश
एटा: खाकी को बेचने वाले सौदागरों की नुमाइश लगवाने की आखिरी कोशिश भी नाकाम हो गई। सौदेबाजी कर नुमाइश लगवाने की ख्वाहिश अधूरी रह गई। उनकी सारी कवायद और दलीलें धरी की धरी रह गईं। प्रशासनिक सख्ती के बाद ठेकेदार को मैदान से सामान लादकर ले जाना पड़ा। जिम्मेदार अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेश का अक्षरशः अनुपालन कराकर नियमों को ताक पर रखने वालों को कड़ा संदेश दिया है।
कस्बा जैथरा के एटा-अलीगंज मार्ग स्थित श्री गांधी सार्वजनिक इंटर कॉलेज के क्रीड़ा स्थल पर अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह से प्रदर्शनी (नुमाइश) लगना शुरू हुई थी। ठेकेदार झूले, दुकान, खेल-तमाशे के लिए स्थान चयन कर चुके थे। मैदान में आसमानी झूले, दुकानों एवं मनोरंजन के स्टॉल आदि की तैयारियां पूर्ण चुकी हैं। नवीन शैक्षिक सत्र की शुरुआत में कॉलेज में शैक्षिक वातावरण तैयार करने की जगह नुमाइश लगवाई जा रही थी। जबकि अभी तक नुमाइश को लेकर एसडीएम जगमोहन गुप्ता ने किसी भी प्रकार की कोई अनुमति प्रदान तक नहीं की थी। सिर्फ अनुमति आवेदन प्रक्रिया के बीच ही नुमाइश के स्टॉल, झूला आदि लगना शुरू हो गए थे।
हाईकोर्ट के आदेश को ताक पर रख कॉलेज मैदान में लग रही नुमाइश की तरफ आपके अपने अखबार दैनिक अग्र भारत ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। खबर पर संज्ञान लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने मामले में सख्त कदम उठाया है। डीआईओएस ने 30 अप्रैल को कॉलेज प्रबंधक व प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल जवाब मांगा। डीआईओएस के नोटिस के बाद कॉलेज प्रबंधक राजीव पालीवाल एवं प्रधानाचार्य अमित श्रीवास्तव ने ठेकेदार को मैदान से तत्काल नुमाइश का सामान हटवाने के आदेश दिए। ठेकेदार ने डीआईओएस के नोटिस के बाद भी काफी दिनों तक मैदान से सामान नहीं हटाया। प्रशासनिक सख्ती के बीच ठेकेदार ने स्थानीय सौदागरों से सांठगांठ कर कॉलेज मैदान में ही नुमाइश लगाने की जुगत में लग गया। सौदागरों ने ठेकेदार को नुमाइश लगवाने का आश्वासन दिया। जिसके लिए सौदागरों ने बहुत सारी कवायद की, परन्तु उनकी कवायद सफल नहीं हुई।
मामला हाईकोर्ट के आदेश से जुड़ा होने के कारण एसडीएम अलीगंज जगमोहन गुप्ता ने भी ठेकेदार के अनुमति आवेदन को निरस्त कर दिया। जिसके बाद ठेकेदार ने सौदागरों की मदद से दूसरे स्थान पर नुमाइश लगाने की कवायद शुरू की। ठेकेदार को एटा-अलीगंज मार्ग स्थित ढीपा तिराहे के समीप कृषि भूमि को दिखाया गया। सौदागरों ने ठेकेदार को अपनी लच्छेदार बातों में फंसा लिया और इस स्थान को नुमाइश के लिए उपयुक्त बताया। सौदागरों के कहने पर नुमाइश के लिए पुनः अनुमति की प्रक्रिया शुरू की गई। चर्चा है कि सौदागरों और ठेकेदार के बेच खाकी को लेकर सौदेबाजी भी हुई, परन्तु आमजनता की सुरक्षा के प्रति सजग खाकी ने इस स्थान को सुरक्षा की दृष्टि से अनपयुक्त पाया और एसडीएम को रिपोर्ट भेज दी। जिसके बाद एसडीएम ने दूसरे अनुमति आवेदन पत्र को निरस्त कर दिया और सौदागरों को मुंह की खानी पड़ी। जिसके बाद ठेकेदार अपना सामान समेट कर चला गया। सौदागर और नुमाइश ठेकेदार के बीच सौदेबाजी की भी चर्चा नगर में जोरों से चल रही है। हालांकि सच क्या है, यह तो सौदागरों की आत्मा ही जानती होगी, परन्तु सौदागरों की कहानी जन-जन की जुबानी बन चुकी है।
