आगरा नगर निगम के वार्ड 43 भगवती बाग और शोभा नगर के निवासियों ने अधूरे विकास कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। 4 साल बाद भी पार्क और गलियां बदहाल हैं। पढ़ें पूरी खबर।
आगरा: नगर निगम आगरा के अंतर्गत आने वाले वार्ड 43 (भगवती बाग) के निवासियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। क्षेत्र में लंबे समय से लंबित पड़े विकास कार्यों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय किए गए वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं और जमीनी स्तर पर स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, चुनाव के दौरान क्षेत्र के प्रमुख पार्क, प्राचीन हनुमान मंदिर मार्ग तथा दो कच्ची गलियों के पक्के निर्माण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चार वर्ष का लंबा समय बीतने के बाद भी यह कार्य अधर में लटके हैं।
शोभा नगर का प्रमुख पार्क और मंदिर मार्ग बदहाल
आगरा के जाने-माने समाजसेवी पवन समाधिया ने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए बताया कि शोभा नगर और नीरज नगर का मुख्य पार्क, जहां क्षेत्र का ऐतिहासिक व प्राचीन हनुमान मंदिर स्थित है, लंबे समय से प्रशासन की उपेक्षा का शिकार है।
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गंदगी का अंबार: पार्क में नियमित सफाई न होने के कारण चारों तरफ गंदगी और कूड़े का साम्राज्य फैला रहता है, जिससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है।
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मिट्टी का कटाव: पार्क की बाउंड्रीवॉल और सही रखरखाव न होने के कारण लगातार मिट्टी का कटाव हो रहा है, जिससे पार्क का क्षेत्रफल सिकुड़ता जा रहा है।
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घरों में घुसती है धूल: जमीन कच्ची होने की वजह से गर्मियों में तेज हवा चलने पर और बरसात के दिनों में मिट्टी उड़कर आसपास के घरों में समा जाती है। इससे स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
दो गलियां अब भी कच्ची, अंधेरे में डूब जाता है इलाका
पार्क के अलावा क्षेत्र की दो मुख्य गलियां आज भी पूरी तरह कच्ची हैं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि हल्की सी बारिश होते ही इन गलियों में जलभराव और कीचड़ की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का पैदल निकलना भी दूभर हो जाता है।
इसके साथ ही, क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्र्रीट लाइट्स (प्रकाश व्यवस्था) न होने के कारण रात के समय पूरी कॉलोनी अंधेरे के आगोश में डूब जाती है। इस वजह से महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा मंडराता रहता है और रात के समय राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएं आम हो चुकी हैं।
3 साल पहले पार्षद बनवारी लाल ने किया था वादा, अब दी सफाई
क्षेत्रवासियों का दावा है कि करीब तीन वर्ष पूर्व वार्ड 43 के पार्टी पार्षद बनवारी लाल ने चुनाव जीतने के बाद स्थानीय नागरिकों से मिलकर यह वादा किया था कि इस पार्क का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा और कच्ची गलियों को जल्द से जल्द आरसीसी (RCC) या इंटरलॉकिंग सड़क में तब्दील किया जाएगा। लेकिन धरातल पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है।
पार्षद का पक्ष: इस पूरे मामले पर जब पार्षद बनवारी लाल से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से लापरवाही नहीं की गई है। इस कार्य का बाकायदा प्रस्ताव और एस्टीमेट तैयार करवाकर नगर निगम के संबंधित विभाग को बहुत पहले ही भेजा जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया और प्रशासनिक स्वीकृतियों में देरी की वजह से काम रुका हुआ है।
नागरिकों ने की नगर निगम से जांच की मांग
क्षेत्र के लोगों ने अब सीधे नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने मांग की है कि:
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नगर निगम इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करे और विकास कार्यों की वर्तमान फाइल स्थिति स्पष्ट करे।
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बजट स्वीकृत होने के बावजूद काम क्यों नहीं शुरू हुआ, इसकी जवाबदेही तय की जाए।
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प्राचीन हनुमान मंदिर मार्ग, पार्क और कच्ची गलियों के निर्माण कार्य को शीघ्र अति शीघ्र शुरू कराकर जनता को राहत दी जाए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही नगर निगम ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो क्षेत्र की जनता नगर निगम कार्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।
