अग्र भारत संवाददाता ,आगरा। जनपद के सिकंदरा थाना क्षेत्र के निजी अस्पताल की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। रुनकता स्थित शिवदेवी हॉस्पिटल पर आरोप है कि गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देकर मरीज को गुमराह किया गया, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ गई। मामले में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच समिति गठित कर दी है।
थाना अछनेरा अंतर्गत गांव कासौटी निवासी रंजीत सिंह के अनुसार, 19 दिसंबर 2025 को वह अपनी पत्नी को पेट में तेज दर्द की शिकायत पर शिवदेवी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। वहां डॉ. मौसमी सिंह द्वारा किए गए अल्ट्रासाउंड में कोई गंभीर समस्या नहीं बताई गई और आंतों में हल्की सूजन कहकर दवा देकर घर भेज दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि मात्र दो दिन बाद ही महिला की हालत बिगड़ गई और असहनीय दर्द होने पर उसे तत्काल भरतपुर के सिटी हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां दोबारा हुई जांच में सामने आया कि महिला को सात सप्ताह चार दिन की एक्टोपिक प्रेगनेंसी (नस में गर्भ) है, जो फटने की स्थिति में जानलेवा साबित हो सकती थी। डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन कर महिला की जान बचाई और तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा।रंजीत सिंह का कहना है कि यदि समय रहते सही जांच और इलाज मिल जाता तो इतनी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने शिवदेवी हॉस्पिटल और संबंधित चिकित्सक पर घोर लापरवाही और गलत रिपोर्ट देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद थाना अछनेरा में शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने इसे स्वास्थ्य विभाग का मामला बताते हुए प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में भी शिकायत की गई, जहां से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार न्याय के लिए पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के निर्देश पर सीएमओ आगरा द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। समिति को निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।डॉ अरुण श्रीवास्तव-मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आगरा ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर टीम गठित कर समस्त बिंदुओं पर गहनता से जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच कमेटी द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
