झांसी । प्रदेश में योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अवैध कब्जों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में आज झांसी प्रशासन और झांसी विकास प्राधिकरण (JDA) ने एक बड़ी और संवेदनशील संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। झांसी के ऐतिहासिक किले की तलहटी में अवैध रूप से निर्मित एक मजारनुमा ढांचे को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहा दिया गया। यह पूरी कार्यवाही माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की गई।
सालों की ‘साजिश’ पर 5 घंटे में चला बुलडोजर
जानकारी के अनुसार, किले की तलहटी में स्थित इस बेशकीमती जमीन पर पिछले कई वर्षों से धीरे-धीरे निर्माण कार्य किया जा रहा था। मजार की आड़ लेकर लगभग 2000 स्क्वायर फीट सरकारी भूमि को घेर लिया गया था। मामला कोर्ट में होने के कारण प्रशासन आदेश का इंतजार कर रहा था। जैसे ही कोर्ट का फैसला आया, जेडीए की टीम जेसीबी (JCB) मशीनों के साथ मौके पर पहुँच गई।
अभेद किले में तब्दील हुआ इलाका: परिंदा भी न मार सका पर
इस संवेदनशील कार्यवाही को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए थे कि मौके पर तनाव की कोई स्थिति उत्पन्न न हो सके।
सुरक्षा घेरा: इलाके को चारों ओर से सील कर दिया गया था। भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) के जवान तैनात रहे।
मीडिया पर पाबंदी: सुरक्षा कारणों से मीडियाकर्मियों को भी घटनास्थल से काफी दूरी पर रोक दिया गया था।
अधिकारियों की मौजूदगी: जेडीए (JDA) के आला अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्यवाही की निगरानी कर रहे थे।
मलबे को तुरंत किया गया साफ
लगभग 4 से 5 घंटे तक चले इस ‘ऑपरेशन क्लीन’ में जेसीबी द्वारा अवैध निर्माण को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। मौके पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर मलबा तुरंत हटवाया गया, ताकि जमीन को पूरी तरह साफ और कब्जा मुक्त किया जा सके।
अवैध अतिक्रमणकारियों को सख्त संदेश
झांसी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐतिहासिक स्मारकों के आसपास या सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध धार्मिक या निजी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्यवाही उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो धार्मिक प्रतीकों की आड़ में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं।


