आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के संस्कृति भवन में आज ‘प्रोजेक्ट ओपन क्लास’ के अंतर्गत “भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया।
भारतीय ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक सोच पर व्याख्यान
कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। व्याख्यान माला के मुख्य वक्ता, केंद्रीय हिंदी संस्थान के वरिष्ठ प्रोफेसर उमापति दीक्षित ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति की गहराई पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“भारत की प्रत्येक परंपरा के पीछे एक पूर्ण विज्ञान छिपा था। हमारी प्राचीन प्रथाएं मात्र रीति-रिवाज नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सोच पर आधारित रही हैं। दुर्भाग्यवश, बाद के कालखंडों में आक्रांताओं ने इन्हें नष्ट किया और भारतीयों के मन में अपनी ही संस्कृति के प्रति हीन भावना विकसित कर दी।”
प्रो. दीक्षित ने आगे जोर देते हुए कहा कि आज भारत में पुनर्जागरण का दौर चल रहा है, जिसे समझने और इसमें सक्रिय सहयोग करने की आवश्यकता है ताकि भारत पुनः वैश्विक मंच पर अपना खोया हुआ स्थान प्राप्त कर सके।
‘मुस्कान सेवा सम्मान-2025’ से विभूतियाँ सम्मानित

विश्वविद्यालय ने समाज के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘मुस्कान सेवा सम्मान-2025’ प्रदान किया। कुलपति प्रो. आशु रानी ने निम्नलिखित अधिकारियों को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया:
श्रीमती नेहा गोयल: अधिकारी, इंडियन बैंक (खंदारी ब्रांच) – बैंकिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा हेतु।
श्री वैभव कुमार दुबे: सीनियर कमांडेंट, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) – ताजमहल की सुरक्षा और प्रबंधन में योगदान हेतु।
श्री अशोक गौरव जैन: इंडिया पोस्ट – डाक सेवाओं के माध्यम से जनसेवा हेतु।
अकादमिक उपलब्धियां और विमोचन

इस अवसर पर कुलपति ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित और प्रोफेसर लवकुश मिश्रा द्वारा संपादित ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी’ का लोकार्पण भी किया। यह जर्नल पर्यटन और आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में शोध को नई दिशा प्रदान करेगा।
कुलपति का संबोधन: शताब्दी वर्ष और भविष्य का संकल्प

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने विश्वविद्यालय की हालिया उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया:
NAAC A+ ग्रेडिंग: विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मानकों को छूते हुए NAAC में A+ ग्रेड प्राप्त किया है।
NIRF रैंकिंग: विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसे आगामी वर्षों में और बेहतर किया जाएगा।
शताब्दी वर्ष: विश्वविद्यालय अपने गौरवशाली 100वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है, जिसे नई ऊर्जा और समाज निर्माण के संकल्प के साथ मनाया जाएगा।
उन्होंने अंत में कहा, “हमने अब तक बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है, जो समाज के पूर्ण सहयोग से ही संभव होगा।”
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर लवकुश मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक और भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
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