सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा ,मलिकपुर गांव का मामला, जांच कर कार्रवाई की मांग
अग्र भारत संवाददाता
किरावली। तहसील क्षेत्र के गांव मलिकपुर में चारागाह की सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गांव निवासी प्रेमपाल सिंह चाहर ने उपजिलाधिकारी किरावली को प्रार्थना-पत्र देकर भूमि की पैमाइश कराकर कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार गांव के मुख्य चौराहे के निकट स्थित गाटा संख्या 203 राजस्व अभिलेखों में चारागाह की भूमि दर्ज है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने वर्षों से इस भूमि के बड़े हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है। प्रार्थी ने नबाब सिंह, देवो एवं योगेंद्र सिंह पर भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है।
प्रेमपाल सिंह चाहर का कहना है कि चारागाह की भूमि ग्रामीणों की सार्वजनिक संपत्ति होती है, जिसका उपयोग पशुओं के चरने और अन्य सामुदायिक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। लेकिन कब्जे के चलते ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मौके की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने तथा अवैध कब्जा हटाने की मांग की है।
शिकायत करने वालों को धमकाने का आरोप :प्रार्थना-पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग प्रभावशाली एवं दबंग प्रवृत्ति के हैं। विरोध या शिकायत करने पर ग्रामीणों को कथित रूप से धमकियां दी जाती हैं, जिसके कारण लोग खुलकर सामने आने से हिचक रहे हैं।
मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि राजस्व विभाग द्वारा जल्द पैमाइश कराकर चारागाह की भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
