अग्र भारत संवाददाता,आगरा। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के दहतोरा गांव में महिला कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री योजना के तहत प्रस्तावित श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण कार्य को लेकर बुधवार को विवाद खड़ा हो गया। निर्माण कार्य शुरू होने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यालय प्रबंधन के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए तथा विरोध जताते हुए काम रुकवा दिया गया है।
ग्रामीणों और सर्वहितकारी जूनियर हाई स्कूल प्रबंधन समिति का आरोप है कि जिस भूमि पर छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है, वह विद्यालय का क्रीड़ा स्थल है और उससे संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उनका कहना है कि विवाद का अंतिम निस्तारण होने से पहले निर्माण कार्य कराया जाना उचित नहीं है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार खसरा संख्या 309 की भूमि वर्ष 1968 से विद्यालय के क्रीड़ा स्थल के रूप में अभिलेखों में दर्ज रही है। वर्ष 2021 में राजस्व विभाग की एक रिपोर्ट के आधार पर भूमि की स्थिति में बदलाव किया गया, जिसके खिलाफ पहले एसडीएम न्यायालय में वाद चला। वहां निर्णय प्रतिकूल आने के बाद प्रबंधन समिति ने राजस्व परिषद, प्रयागराज में पुनरीक्षण याचिका दायर की, जो अभी लंबित है। इसके अलावा मामले से संबंधित एक याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी विचाराधीन बताई गई है।विद्यालय प्रबंधन और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विवादित भूमि पर निर्माण कराकर गांव के बच्चों के खेल मैदान को समाप्त किया जा रहा है। उनका कहना है कि विद्यालय वर्तमान में संचालित है, यहां छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं तथा विभिन्न चुनावों के दौरान मतदान केंद्र भी बनाया जाता है।वहीं, महिला कल्याण विभाग के जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल सोनी ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से जानकारी ली गई थी।पहले किसी प्रकार के कोई विवाद की जानकारी नहीं दी गई, उनके अनुसार नगर निगम और तहसील प्रशासन से भूमि को लेकर किसी प्रकार के विवाद की जानकारी नहीं मिली और आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की अन्य जानकारियां संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद स्पष्ट की जाएंगी।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जब तक न्यायालयों में लंबित वादों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक निर्माण कार्य स्थगित रखा जाए। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर मामले की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है।
