एटा: जनपद के धुमरी क्षेत्र में बैंक लोन रिकवरी के नाम पर एजेंटों का संगठित गिरोह सक्रिय है। आरोप है कि ये एजेंट नियम-कायदों को ताक पर रखकर गुंडों की तरह वसूली कर रहे हैं। वाहन लोन लेने वालों को निशाना बनाकर समय से पहले ईएमआई की धमकी, गाली-गलौज और मारपीट तक इनके लिए आम बात है।
पीड़ितों का आरोप है कि एजेंट बीच बाजार में खड़े होकर किसी भी वाहन को रोकर अपमान करते हैं और कई बार वाहन जबरन छीन लेते हैं। एक किसान ने बताया कि किस्त में थोड़ी देरी होने पर एजेंटों ने गाली-गलौज कर उसकी बाइक छीन ली। विरोध करने पर मारपीट की धमकी दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये एजेंट सड़क पर आने-जाने वालों को रोककर प्रताड़ित करते हैं। साथ में गुंडों का एक दल चलता है जो लोगों को डराते-धमकाते हैं। शिकायत के मुताबिक, ज्यादातर एजेंटों को आरबीआई की गाइडलाइन की जानकारी तक नहीं है। आरबीआई के नियम कहते हैं कि रिकवरी एजेंट सुबह 8 से शाम 7 बजे तक ही संपर्क कर सकते हैं, अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते और जबरन संपत्ति नहीं छीन सकते। बैंक केवल अधिकृत और प्रशिक्षित रिकवरी एजेंटों का ही इस्तेमाल करें। अनाधिकृत लोगों से वसूली कराना गैरकानूनी है।
पीड़ित अब आरबीआई स्तर पर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि रिकवरी के नाम पर हो रही गुंडागर्दी बंद कराई जाए और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अवैध रूप से वसूली करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
