जिलाधिकारी की छापामार कार्यवाही से विभागों में मचा हड़कंप
एटा। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने सोमवार को बीएसए कार्यालय का औचक निरीक्षण कर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान दो कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों का एक दिन का वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय बीएसए सूचना आयुक्त की सुनवाई में शामिल होने के लिए लखनऊ गए हुए थे। इस दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर वित्तीय प्रकरणों, मध्यान्ह भोजन योजना, छात्र उपस्थिति और अंतर जनपदीय स्थानांतरण की स्थिति की समीक्षा की।
जांच के दौरान वरिष्ठ सहायक जितेन्द्र प्रताप सिंह और प्रधान सहायक राजीव कुमार शर्मा बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने वित्त एवं लेखा अनुभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षकों के पेंशन, एसीपी, एरियर, वार्षिक वेतन वृद्धि और अन्य सेवा संबंधी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी शिक्षक या कर्मचारी पर अनैतिक दबाव बनाने की शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से मध्यान्ह भोजन योजना और छात्र उपस्थिति की समीक्षा भी की। जिन विद्यालयों में छात्र उपस्थिति 85 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है, उनकी रैंडम जांच कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए और छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान जानकारी मिली कि 20 जून तक 56 शिक्षकों ने पोर्टल पर आवेदन किया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया शासनादेशों के अनुरूप और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी डीएम ने असंतोष जताया। उन्होंने नियमित सफाई सुनिश्चित करने और कार्यालय को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नए शैक्षिक सत्र में विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
