चार साल बाद फिर एक हुए पति-पत्नी, काउंसलिंग से बिखरे परिवार में खिले खुशियों के फूल
एटा। पारिवारिक विवाद के चलते पिछले चार वर्षों से अलग रह रहे दंपति का वन स्टॉप सेंटर पर हुई काउंसलिंग के बाद पुनर्मिलन हो गया। कई चरणों तक चली समझाइश और संवाद के बाद दोनों ने आपसी सहमति से दोबारा साथ रहने का निर्णय लिया। प्रशासन ने इसे मिशन शक्ति अभियान के तहत परिवारों को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।
जानकारी के अनुसार, पारिवारिक मतभेद के कारण महिला पिछले चार वर्षों से अपने मायके में रह रही थी। मामला वन स्टॉप सेंटर पहुंचने पर केंद्र की टीम ने पति-पत्नी दोनों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से बातचीत की। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों की समस्याओं, भावनाओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना गया तथा आपसी विश्वास बहाल करने का प्रयास किया गया।
लगातार हुई काउंसलिंग का सकारात्मक परिणाम सामने आया और दोनों ने अपने पुराने मतभेद भुलाकर एक साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया। इसके बाद वन स्टॉप सेंटर की टीम ने दंपति को शुभकामनाएं देते हुए सकुशल उनके घर के लिए रवाना किया।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ-साथ पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान भी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई और संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले घरेलू विवादों के मामलों में जिला प्रोबेशन कार्यालय, मिशन शक्ति केंद्र और वन स्टॉप सेंटर काउंसलिंग के माध्यम से परिवारों को जोड़ने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ पारिवारिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर केंद्र प्रबंधक जागृति चतुर्वेदी, स्टाफ नर्स आरती, केस वर्कर दीपिका गुप्ता, रेखा सहित वन स्टॉप सेंटर के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
