बिजनौर के गोविंद सिंह हत्याकांड में अदालत ने अभिनेता भूपेंद्र सिंह को 10 साल की जेल और डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मृतक परिवार को 10 लाख और दो घायलों को पांच-पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति मिलेगी।
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गोविंद सिंह हत्याकांड में अदालत ने बॉलीवुड अभिनेता भूपेंद्र सिंह को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. शहजाद अली की अदालत ने दोषी पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये और घटना में घायल हुए दो लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
इस मामले में आरोपी बनाए गए ज्ञान सिंह, जीवन सिंह उर्फ जोवनदीप और गुरजंट को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। यह मामला खेत की मेढ़ पर खड़े यूकेलिप्टिस के पेड़ों के मालिकाना हक को लेकर हुए विवाद के बाद गोलीबारी और हत्या से जुड़ा है।
यूकेलिप्टिस के पेड़ों को लेकर हुआ था विवाद
एडीजीसी अजीत पंवार और प्रमोद शर्मा के अनुसार, गांव कुआखेड़ा खदरी निवासी जीत सिंह ने थाना बढ़ापुर में इस मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके बड़े भाई गुरदीप सिंह का पड़ोसी किसान भूपेंद्र सिंह के साथ खेत की मेढ़ पर खड़े यूकेलिप्टिस के पेड़ों को लेकर विवाद चल रहा था।
आरोप था कि 3 दिसंबर 2023 की दोपहर इसी विवाद के दौरान भूपेंद्र सिंह ने पेड़ों को अपना बताया। गुरदीप सिंह ने इसका विरोध किया तो कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान भूपेंद्र सिंह ने रिवॉल्वर निकालकर गुरदीप सिंह पर गोली चला दी। गोली लगने से गुरदीप घायल हो गए।
गोविंद सिंह की गोली मारकर हत्या, दो अन्य भी हुए घायल
गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। इनमें गोविंद सिंह भी शामिल थे। अभियोजन पक्ष के आरोप के मुताबिक, ज्ञान सिंह, जीवन सिंह और गुरजंट ने गोविंद सिंह को पकड़ लिया। इसके बाद भूपेंद्र सिंह ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान परिवार के बूटा सिंह और वीरू देवी को भी लाठी-डंडों से घायल करने का आरोप लगाया गया था। वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
भूपेंद्र सिंह की निशानदेही पर बरामद हुआ रिवॉल्वर
पुलिस ने विवेचना के दौरान घटना में इस्तेमाल किए गए रिवॉल्वर को भूपेंद्र सिंह की निशानदेही पर बरामद किया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने भूपेंद्र सिंह समेत चार आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन में घटना से जुड़े 13 गवाहों को अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने भूपेंद्र सिंह को गोविंद सिंह की हत्या का दोषी माना। वहीं, ज्ञान सिंह, जीवन सिंह उर्फ जोवनदीप और गुरजंट को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया।
अभिनेता के तौर पर भी काम कर चुके हैं भूपेंद्र सिंह
भूपेंद्र सिंह का नाम अभिनय की दुनिया से भी जुड़ा रहा है। उपलब्ध फिल्मोग्राफी के अनुसार, उन्होंने 1990 के दशक में हिंदी फिल्मों से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। वह ‘यह प्यार ना होगा कम’ और ‘एक हसीना थी’ जैसी फिल्मों में नजर आए। वर्ष 1998 में उन्होंने ‘श्याम घनश्याम’ में भी काम किया।
इसके अलावा उन्होंने तेलुगु और तमिल सिनेमा में भी अभिनय किया। उनकी फिल्मों में ‘थमडडु’, ‘अन्ना’, ‘देवी पुत्रुडु’, ‘बदरी’ और ‘विलियन’ जैसी फिल्में शामिल बताई जाती हैं। बाद में वह हिंदी फिल्मों ‘युवराज’ (2008) और ‘सोच लो’ (2010) में सहायक भूमिकाओं में दिखाई दिए।
टेलीविजन की दुनिया में भी उन्होंने काम किया। वह ‘जय महाभारत’, ‘1857 क्रांति’, ‘मधुबाला-इश्क एक जुनून’ और ‘रिश्तों का चक्रव्यूह’ जैसे धारावाहिकों में सहायक किरदार निभा चुके हैं।
गोविंद सिंह हत्याकांड में अदालत के इस फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है।

