दीपावली से पहले बिक रहे जहरीले बादाम से है कैंसर का खतरा, 1 गिलास पानी लेकर तुरन्त करें नकली बादाम की जांच

Sumit Garg
4 Min Read

दीपावली पर मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वाले सक्रिय हो जाते है।दिवाली का समय नजदीक है और इस पर्व पर बादाम का खूब इस्तेमाल किया जाता है, बादाम के अनगिनत फायदे हैं और यह फायदे असली बादाम खाने से मिलते हैं, बाजार में नकली और केमिकल वाली बादाम बेचे जा रहे हैं, आप इनकी आसानी से जांच कर सकते हैं।

फेस्टिव सीजन जारी है और जल्द ही दिवाली का पर्व भी आने वाला है। जाहिर है दिवाली पर विभिन्न तरह के पकवान और मिठाई बनाई जाती हैं। इस दिन उपहार लेने-देने का प्रचलन भी है। उपहार हों या पकवान सभी में बादाम का खूब इस्तेमाल किया जाता है।

बादाम से कई तरह के मिठाई-पकवान बनाए जाते हैं और उपहार के रूप में भेंट किये जाते हैं। सोचो क्या हो, जो बादाम आप इस्तेमाल कर रहे हैं वो नकली हों, जहरीले हों या बेहद घटिया किस्म के हों। बादाम ऐसा नट है जो बेहतर पौष्टिक, स्वादिष्ट और फायदेमंद है। हालांकि बादाम में मिलावट आपके लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

See also  बुजुर्गों के लिए खुशखबरी! 'सीनियर सिटिजन योजना 2025' के तहत मिलेंगे हर महीने ₹1000, जानिए आवेदन का आसान तरीका

 

डॉक्टर्स के अनुसार, कारोबारी बादाम का रंग और चमक को बढ़ाने के लिए हानिकारक रसायनों जैसे हाइड्रोजन पेरोक्साइड और ब्लीचिंग एजेंटों का उपयोग करते हैं। इन मिलावटी बादामों का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। चलिए जानते हैं कि बादाम में मिलावट आपकी सेहत के लिए कैसे खतरनाक हो सकती है और आप असली-नकली बादाम की पहचान कैसे कर सकते हैं।

बादाम असली है नकली, इसकी जांच करने के लिए पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

मुट्ठी भर बादाम लें और उन्हें एक साफ कटोरी या कंटेनर में रखें। ध्यान रहे कि कंटेनर साफ हो।

See also  कोरोना से हर कोई हुआ था संक्रमित, ठीक होने के बाद अब सामने आ रहे कॉम्प्लिकेशन

कटोरी में बादाम को पूरी तरह से डुबाने के लिए पर्याप्त पानी डालें। उन्हें रात भर भिगोने दें।

अगली सुबह, बादाम को पानी से निकालें और उनका छिलका उतार दें। प्राकृतिक बादामों की त्वचा आसानी से निकल जाएगी, जिससे नीचे एक साफ, सफेद बादाम दिखाई देगा।

पानी का रंग जांचें। यदि यह साफ रहता है, तो बादाम संभवतः मिलावट रहित हैं।

यदि पानी भूरा रंग बदल जाता है तो इसका मतलब है कि बादाम में केमिकल का इस्तेमाल किया गया है।

पानी वाला टेस्ट क्यों है कारगर

पानी वाला टेस्ट क्यों है कारगर

हाइड्रोजन पेरोक्साइड का अक्सर ब्लीचिंग के लिए उपयोग किया जाता है, हाइड्रोजन पेरोक्साइड पानी के साथ रिएक्शन करता है। यही कारण है कि जब मिलावटी बादाम भिगोए जाते हैं तो पानी भूरा या थोड़ा पीला हो सकता है। जब ब्लीचिंग एजेंट पानी के संपर्क में आते हैं, तो वे अवशेष छोड़ते हैं जो घुल जाते हैं और पानी का रंग बदल देते हैं। यह प्रतिक्रिया रासायनिक मिलावट का एक स्पष्ट संकेत है। शुद्ध बादाम में प्राकृतिक तेल होते हैं जो पानी का रंग नहीं बदलते हैं। कोई भी महत्वपूर्ण परिवर्तन आमतौर पर कृत्रिम पदार्थों की ओर इशारा करता है।

See also  ब्रज में है रही है राधे-राधे, ब्रज मंडल में शोर और कोलाहल, प्राचीन मंदिर संगीत विलुप्त हो चुका है

 

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

See also  तेजी से बदल रहा फैशन ट्रेंड
Share This Article
Follow:
प्रभारी-दैनिक अग्रभारत समाचार पत्र (आगरा देहात)
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement