मोहम्मद शमी ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लेने के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया। BCCI, रवि शास्त्री, इरफान पठान और मोर्ने मोर्कल ने दी भावुक प्रतिक्रिया।
- BCCI ने खास अंदाज में दी मोहम्मद शमी को विदाई
- रवि शास्त्री बोले- शमी के अंदर अभी 30-40 विकेट बाकी थे
- इरफान पठान और मुनाफ पटेल ने भी दी बधाई
- मोर्ने मोर्कल ने बताया- ड्रेसिंग रूम में शमी का होना कितना खास था
- कैसा रहा मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर? आंकड़े देखकर समझिए योगदान
- भारतीय टेस्ट क्रिकेट में हमेशा याद किए जाएंगे मोहम्मद शमी
Mohammed Shami Retirement News: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। अपनी धारदार गेंदबाजी, शानदार सीम मूवमेंट और सटीक लाइन-लेंथ से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को परेशान करने वाले शमी ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया के माध्यम से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उनके संन्यास की खबर सामने आते ही क्रिकेट जगत में प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से लेकर पूर्व कप्तान रवि शास्त्री और कई दिग्गज क्रिकेटरों ने उनके शानदार करियर की सराहना की।
बीसीसीआई ने मोहम्मद शमी को विदाई देते हुए महज एक पंक्ति में उनकी उपलब्धियों का बखूबी बखान किया। बोर्ड ने कहा कि शमी ने भारतीय तेज गेंदबाजी के एक युग को परिभाषित किया है। वहीं, पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने उनके संन्यास पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि उनके अंदर अभी टेस्ट क्रिकेट बाकी था और वह कम से कम 30 से 40 विकेट और हासिल कर सकते थे।
BCCI ने खास अंदाज में दी मोहम्मद शमी को विदाई
मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के ऐलान के बाद बीसीसीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनके योगदान को याद किया। बोर्ड ने लिखा, ”भारतीय तेज गेंदबाजी के एक दौर को परिभाषित करने के लिए धन्यवाद, टेस्ट कैप 279।”
बीसीसीआई का यह संदेश बताता है कि शमी का भारतीय टेस्ट क्रिकेट में कितना बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार स्पेल डाले और मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय टीम को महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाईं। खासतौर पर विदेशी धरती पर उनकी गेंदबाजी ने भारतीय टीम को मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
रवि शास्त्री बोले- शमी के अंदर अभी 30-40 विकेट बाकी थे
भारत के पूर्व मुख्य कोच और कप्तान रवि शास्त्री ने मोहम्मद शमी के संन्यास पर दुख जताया है। उनका मानना है कि शमी अभी टेस्ट क्रिकेट में काफी योगदान दे सकते थे। शास्त्री ने उनके साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें शमी जैसे गेंदबाज के साथ काम करने का मौका मिला।
शास्त्री ने कहा कि भारत के अच्छे प्रदर्शन में शमी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उनके बिना भारतीय तेज गेंदबाजी इकाई की कल्पना करना मुश्किल था। उन्होंने शमी की तुलना विश्व क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाजों से करते हुए कहा कि उनके जैसा सीम गेंदबाज मिलना आसान नहीं है। जेम्स एंडरसन का नाम भी इस श्रेणी में आता है।
शास्त्री के मुताबिक, शमी कई बार विकेट नहीं ले पाते थे, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखते थे।
न्यूजीलैंड में दूसरे वनडे मुकाबले के दौरान मेजबान प्रसारक से बातचीत में रवि शास्त्री ने कहा कि शमी को टेस्ट क्रिकेट से विदाई लेते देखना दुखद है। उनका मानना है कि शमी अभी 30 से 40 विकेट और हासिल कर सकते थे। शास्त्री ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें टेस्ट गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम का हिस्सा होना चाहिए था।
इरफान पठान और मुनाफ पटेल ने भी दी बधाई
मोहम्मद शमी के संन्यास के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने भी उनके शानदार टेस्ट करियर की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ”शानदार टेस्ट करियर पर बधाई मोहम्मद शमी। आपकी कमी खलेगी।”
वहीं, पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने शमी के संन्यास पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह जल्द ही उन्हें नीली जर्सी में खेलते हुए देखेंगे। उनके इस संदेश को शमी के सीमित ओवरों के क्रिकेट में जारी रहने की उम्मीद से जोड़कर देखा जा रहा है।
मोर्ने मोर्कल ने बताया- ड्रेसिंग रूम में शमी का होना कितना खास था
भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने भी मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शमी को बेहद कुशल खिलाड़ी बताते हुए कहा कि टीम में उनके जैसा खिलाड़ी और इंसान होना बहुत मायने रखता है।
मोर्कल ने कहा कि जब वह भारतीय टीम से जुड़े थे, तब उन्हें शमी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिला। शमी ने उनकी काफी मदद की और भारतीय टीम के माहौल को समझने में भी सहयोग दिया।
उन्होंने कहा, ”टीम में शमी का होना बहुत अच्छी बात थी। वह एक बहुत ही कुशल खिलाड़ी हैं और टीम में उनके जैसा इंसान होना काफी मायने रखता है। जब मैं टीम से जुड़ा, तो मैं काफी भाग्यशाली था कि मुझे उनके साथ ड्रेसिंग रूम में भारतीय भाषा बोलने का मौका मिला। उन्होंने मेरी बहुत मदद की। उन्हें जाते हुए देखना दुख की बात है। मुझे दुख हुआ।”
हालांकि, मोर्ने मोर्कल ने यह भी कहा कि शमी अभी घरेलू क्रिकेट में काफी ओवर गेंदबाजी कर रहे हैं और उन्हें ऐसा करते देखना अच्छा लगता है।
कैसा रहा मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर? आंकड़े देखकर समझिए योगदान
मोहम्मद शमी ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपनी स्विंग, सीम मूवमेंट, तेज रफ्तार और रिवर्स स्विंग से दुनिया के कई बेहतरीन बल्लेबाजों को परेशान किया।
शमी ने भारत के लिए कुल 64 टेस्ट मुकाबले खेले। इस दौरान उन्होंने 122 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 27.71 की औसत और 50.28 के स्ट्राइक रेट से कुल 229 विकेट अपने नाम किए।
टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 56 रन देकर 6 विकेट रहा। उन्होंने अपने करियर में छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट हासिल किए, जबकि 12 बार चार विकेट लेने का कारनामा किया।
मोहम्मद शमी के टेस्ट करियर के प्रमुख आंकड़े:
- कुल टेस्ट मैच: 64
- गेंदबाजी पारियां: 122
- कुल विकेट: 229
- गेंदबाजी औसत: 27.71
- गेंदबाजी स्ट्राइक रेट: 50.28
- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: 6/56
- पांच विकेट हॉल: 6
- चार विकेट हॉल: 12
भारतीय टेस्ट क्रिकेट में हमेशा याद किए जाएंगे मोहम्मद शमी
मोहम्मद शमी का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़े अध्याय का अंत है। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी पिचों पर उनकी गेंदबाजी, पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने की क्षमता और लगातार सटीक लाइन-लेंथ पर गेंद डालने का हुनर उन्हें खास बनाता था।
शमी ने कई मौकों पर अपनी गेंदबाजी से भारतीय टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। यही वजह है कि उनके संन्यास पर बीसीसीआई से लेकर पूर्व क्रिकेटरों और मौजूदा टीम के कोचिंग स्टाफ तक ने भावुक प्रतिक्रियाएं दी हैं।
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट से विदाई के बावजूद सीमित ओवरों और घरेलू क्रिकेट में उनकी भूमिका को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदें बनी हुई हैं। भारतीय क्रिकेट में मोहम्मद शमी का योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
