साधन गांव में मारपीट का मामला; ढाई महीने अछनेरा थाने के चक्कर काटता रहा पीड़ित, अब किरावली पुलिस की जांच पर उठाए सवाल
अग्र भारत संवाददाता,आगरा। अछनेरा थाना क्षेत्र के साधन गांव में मारपीट के दौरान फावड़े से हमला कर लाखन सिंह के बाएं हाथ की छोटी उंगली काटने का आरोप है। मेडिकल परीक्षण में उंगली के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि होने के बावजूद मुकदमे में गंभीर धाराएं नहीं बढ़ाए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित का कहना है कि ढाई महीने तक अछनेरा पुलिस के चक्कर काटने के बाद विवेचना किरावली थाने स्थानांतरित हुई, लेकिन वहां भी जांच में लीपापोती की जा रही है।
लाखन सिंह के अनुसार, 28 जून को उदय सिंह समेत अन्य लोगों ने एकराय होकर उन पर हमला किया था। हमले में उनके सिर और हाथ में चोटें आईं तथा बाएं हाथ की छोटी उंगली का अंतिम हिस्सा कट गया। पीड़ित का दावा है कि चिकित्सीय परीक्षण में धारदार हथियार से उंगली कटने की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद अछनेरा पुलिस ने मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज कर चोटों की गंभीरता के अनुरूप धाराएं नहीं बढ़ाईं। कार्रवाई के लिए वह थाने और अधिकारियों के चक्कर काटते रहे। बाद में पुलिस उपायुक्त से शिकायत के बाद विवेचना किरावली थाने स्थानांतरित कर दी गई।पीड़ित ने आरोप लगाया कि किरावली थाने में विवेचना कर रहे दारोगा घटना के समय उनकी मौजूदगी पर मोबाइल की लोकेशन का हवाला देकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि घटना वाले दिन मोबाइल उनकी पत्नी के पास था, जो मायके गई थीं। इसके गवाह होने का भी उन्होंने दावा किया है। घटना की जानकारी मिलने पर गांव का एक व्यक्ति उनकी पत्नी को मोटरसाइकिल से लेकर आया था। पीड़ित ने घायल अवस्था की तस्वीरें और मेडिकल रिपोर्ट को भी साक्ष्य बताया है।लाखन सिंह ने विवेचक पर कथित तौर पर रुपये मांगने और आरोपी पक्ष से मिलीभगत कर मुकदमे को हल्का करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह रुपये देने में असमर्थ हैं। पीड़ित ने अधिकारियों से मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना कराने, दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा दिलाने की मांग की है। संवाददाता द्वारा सहायक पुलिस आयुक्त अछनेरा शैलेन्द्र सिंह से मामले में जानकारी ली तो बताया कि वादी के मोबाइल की लोकेशन घटना स्थान पर नहीं है ,वादी द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की गहन जांच कर अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
